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‘ ऊटी ‘, दक्षिण भारत के तमिलनाडु का बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थल, जानिए कैसी है वहां की प्राकृतिक खूबसूरती

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दक्षिण भारत का सबसे फेमस हिल स्टेशन है ऊटी जो तमिलनाडु में है, और अपने खूबसूरत पहाड़ों के अलावा चाय के बागान और लाल रंग की छत वाले बंगलों के लिए मशहूर है। तमिलनाडु का बेहद खूबसूरत और रोमांटिक स्थल ऊटी अपने मनोरम दृश्यों के लिए विश्व विख्यात है। इतना ही नहीं इसकी खूबसूरती के कारण इसे ‘पहाड़ों की रानी’ भी कहा जाता है। ऊटी का पूरा नाम उदगमंडलम (dagamandalam) है।

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South India tourist destination ooty

यहां की खूबसूरत घुमावदार मखमली पहाडिय़ां धुंधले परिदृश्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इस हिल स्टेूशन को नीलगिारि की रानी भी कहा जाता है। चाय के बागान और असंख्यी नीलगिरि की पहाडियां इस जगह को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाती हैं। ऊटी में पर्यटकों के देखने के लिए असंख्य जगहें हैं, जिनमे यहां की झीलें भी शमिल है, प्राकृतिक खूबसूरती और हरियाली के लिए दुनियाभर में फेमस ऊटी में सालों भर पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। तो चलिए इस बार हम आपको सैर कराते हैं तमिलनाडु के खूबसूरत हिल स्टेशन ऊटी की।

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ऊटी में भी चलती है टॉय ट्रेन

दार्जिलिंग की ही तरह ऊटी में भी टॉय ट्रेन चलती है जिसे नीलगिरी माउंटेन ट्रेन कहते हैं और इसे भी यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल किया गया है। 1908 में अंग्रेजों द्वारा बनाया गया नीलगिरि पर्वतीय रेलवे एक विश्व धरोहर स्थल है। यह 46 किलोमीटर की खूबसूरत टॉय ट्रेन यात्रा (toy train) है जो मेट्टुपालयम से शुरू होती है और कई सुरंगों (tunnels), पुलों एवं खूबसूरत वादियों से होती हुई करीब पांच घंटे में ऊटी पहुंचती है। 300 फीट से 7200 फीट ऊंची टॉय ट्रेन की यात्रा निश्चित रूप से रोमांचकारी होती है। ऊटी में देश का सबसे पुराना बोटैनिकल गार्डन भी है जहां आप पेड़ पौधे और फूलों की एक से एक वरायटी देख सकते हैं।

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मुरुगन मंदिर ऊटी का प्रसिद्ध मंदिर

तमिलनाडु के अन्य शहरों की तरह ऊटी में भी कुछ शानदार वास्तुकला (architecture) वाले मंदिर हैं। एल्क हिल (Elk Hill) पर स्थित मुरुगन मंदिर एक ऐसा ही भव्य मंदिर है। यह मंदिर भगवान मुरुगन को समर्पित है। इस मंदिर में भगवान के भक्तों द्वारा किया जाने वाला कावड़ी अट्टम (Kavadi Attam) नृत्य यहां का मुख्य आकर्षण है।

स्टोन हाउस

स्टोन हाउस 1822 में जॉन सुलिवन (John Sullivan) द्वारा बनवाया गया ऊटी का पहला बंगला है। अब यह ऊटी का सरकारी आर्ट्स कॉलेज है और अद्भुत वास्तुकला और कुछ महान अवशेष (relics) प्रदर्शित करता है।इस बंगले की झलक पाने के लिए कई पर्यटक इस जगह पर आते हैं।

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कोडैकनाल : तमिलनाडु का बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है काडैकनाल। जो अपनी सुंदरता के कारण पर्यटकों के बीच में खासा लोकप्रिय रहा है। इस बार आप अपने पार्टनर के साथ इस शांत और मनोरम घाटी में घूमने के लिए जा सकते हैं जहां कोसो दूर तक हरियाली ही हरियाली नजर आएगी जो आपके मन को शांति प्रदान करेगी।

ऊटी झील : ऊटी झील किसी सितारे से कम नहीं लगती है। इसकी सौंदर्य को देख बस दिल हरा-भरा हो जाता है। इस झील में बोटिंग की अच्छी व्यवस्था है। साथ ही आप यहाँ घुड़सवारी का आनंद उठा सकते हैं और बच्चे यहाँ खिलौना गाड़ी में बैठकर खूब मस्ती करते हैं।

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ऊटी बोटेनिकल गॉर्डन : ऊटी का बोटेनिकल गॉडर्न भी घूमने-फिरने के लिए बहुत ही खूबसूरत जगह है। इस गॉर्डन में महज फूल-पौधे देखने को ही नहीं बल्कि उनके बारे में जानने का भी मौका मिलता है। गर्मियों में तो यहां फ्लॉवर शो भी होता है। इस गॉर्डन में एक फोशिल ट्री भी मौजूद है जिसके बारे में कहा जाता है कि ये काफी पुरानों है।

लेक गार्डन : यूँ तो यह गार्डन अपनी खूबसूरती से बच्चों को आकर्षित करता ही है परन्तु इससे बड़े बूड़े भी अछूते नहीं रह पाते। यह पिकनिक मनाने का बहुत ही खूबसूरत स्थल है।

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केटी वैली : केटी वैली एक बेहद खूबसूरत पहाड़ी है जहाँ अक्सर पर्यटक पिकनिक मनाने आते हैं। साथ ही यहाँ के छोटे छोटे गांव का लुफ्त भी उठाने आते हैं। यह ऊटी से कुन्नूर के रास्ते पर पड़ता है।

दोड्डाबेट्टा : दोड्डाबेट्टा नीलगिरी पहगाडी की सबसे ऊँची छोटी है। यहाँ पर्यटक आकर दूरबीन से पूरे ऊटी के मनमोहक नजारों को देखते हैं। इस दूरबीन के जरिये पर्यटक ऊटी के दिलकश नजारों को बड़ी बारीकियों से देख पाते हैं।

वनस्पति उद्यान : बोटेनिकल गार्डन अपने मनमोहक दृश्यों और हरियाली के कारण पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है। यहाँ लगे पेड़-पौधे बेहद खूबसूरत लगते हैं। आप यहाँ आके इस गार्डन के मनमोहक नजारो को आँखों में कैद कर सकते हैं।

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कालहट्टी झरना : ट्रेकर के शौकीनों के लिए यह एक अच्छी जगह है। इस झरने को देख ऐसा प्रतीत होता है जैसा सफेद चांदी बड़ी प्रहार से बाह रही हो। इसका अद्भुत नजारा देख मन सुकून पाता है।

वेनलाक डाउंस : वेनलाक डाउंस में हिन्दुस्तान फिल्म की फैक्ट्री है। यहां पर्यटक ऐसे नहीं आ सकते क्यूंकि यहाँ आना निषेध है अगर आप यहाँ आना चाहते हैं तो आपको इसकी इजाजत लेनी पड़ेगी।

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कुन्नूर : कुन्नूर का यह खूबसूरत सिम पार्क ऊटी आने वाले पर्यटकों के लिए एक सौगात है हालांकि यह ऊटी से 30 किलोमीटर की दूरी पर है। परन्तु आप यहाँ आके यहाँ के खूबसूरत नजारों का जी भरके लुफ्त उठा सकते हैं।

कोटगिरी : कोटगिरी पर्वत स्थल एक बेहद खूबसूरत दर्शनीय स्थल है। यहाँ आकर आप रंगास्वामी चोटी, कोदनाद व्यू पॉइंट और सेंट कैथरीन झरना भी देख सकते हैं।

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एल्फ हिल्स : एल्फ हिल्स पहाड़ी से ऊटी का मनोरम दृश्य बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। यहाँ आकर आप ऊटी के नजारों को मन भावन देख सकते हैं। यह एक बेहतरीन पिकनिक स्थल है।

एवेलांचे : एवेलांचे एक खूबसूरत वन है जो कि ऊटी से तकरीबन 25 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है। यहाँ एक सुन्दर रिसोर्ट होने के साथ साथ एक अद्भुत नदी भी है। जिसके किनारे बैठ आप मछली पकडऩे के साथ साथ पानी की कल कल करती सुन सकते हैं।

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ऊटी कैसे जाएं

हवाई मार्ग : ऊटी का नजदीकी एयरपोर्ट कोयम्बटूर एयरपोर्ट है जो ऊटी से 85 किलोमीटर दूर है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद समेत देश के प्रमुख शहरों से नियमित फ्लाइट्स कोयंम्बटूर आती हैं। एयरपोर्ट से बाहर निकलकर आप टैक्सी, कैब या बस के जरिए सडक़ मार्ग से महज 3 घंटे में ऊटी पहुंच सकते हैं।

रेल मार्ग : ऊटी से 40 किलोमीटर दूर स्थित मेट्टूपलयम ऊटी का नजदीकी रेलवे स्टेशन है। चेन्नई, मैसूर, बेंगलुरु समेत कई नजदीकी शहरों से नियमित ट्रेनें मेट्टूपलयम आती हैं। आप चाहें तो रेलवे स्टेशन से बाहर निकलकर टैक्सी या कैब के जरिए ऊटी पहुंच सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें तो नीलगिरी माउंटेन टॉय ट्रेन में बैठकर पहाडय़िों, घने जंगलों और घाटियों के बीच से होते हुए भी ऊटी पहुंच सकते हैं। हालांकि इस सफर में वक्त बहुत लगता है लेकिन यह एक लाइफटाइम एक्सपीरियंस है जो आपको हमेशा याद रहेगा।

सडक़ मार्ग : आप चाहें तो तमिलनाडु स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस सर्विस के जरिए भी ऊटी पहुंच सकते हैं। इसके अलावा बेंगलुरु, चेन्नई और मैसूर जैसे पड़ोसी शहरों से भी सरकारी औऱ प्राइवेट बसें ऊटी के लिए चलती हैं औऱ आप कुछ घंटों के सफर में ऊटी पहुंच सकते हैं।

ऊटी में कहाँ ठहरें

ऊटी में कई होटल हैं जहाँ आप आसानी से ठहर सकते हैं जिनमे से कुछ का विवरण यूँ है- फर्नहिल पैलेस, लेक व्यू,, दास प्रकश, ताज, वुडलैंड, मिनी कॉटेज, यूथ हॉस्टल, तमिलनाडु गेस्ट हाउस आदि।

ऊटी कब जाएं

वैसे तो ऊटी का प्लान आप साल में कभी भी बना सकते हैं लेकिन अप्रैल से जून और सितंबर से नवंबर का महीना यहां आने के लिए बेस्ट होता है। नवंबर से मार्च तक के बीच यहां बहुत ठंड पड़ती है और तापमान 5 डिग्री से भी नीचे चला जाता है।