नैनीताल-हाईकोर्ट पहुंचा कुमाऊं विवि दीक्षांत समारोह में वित्तीय धांधली का मामला, कोर्ट ने दिये ये निर्देश

नैनीताल-आज कुमाऊं विश्वविद्यालय के 16वें दीक्षांत समारोह में हुई वित्तीय अनियमिताओं के मामले में दायर जनहित याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने सचिव वित्त व उच्च शिक्षा, रजिस्ट्रार कुमाऊं विवि, वित्त अधिकारी, डीएसबी परिसर निदेशक सहित हिमालयन टेंट हाउस, हर्ष टेंट हाउस हल्द्वानी, सम्राट टेंट हाउस रानीखेत तथा सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए नैनीताल हाईकोर्ट ने 28 अगस्त की तिथि नियत की है।

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आज वरिष्ठ न्यायमूर्ति रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोपाल सिंह बिष्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि विवि के दीक्षांत समारोह में सभागार की क्षमता एक हजार के अनुसार 1200 लोगों के भोजन की व्यवस्था का टेंडर था, मगर बिल में संख्या 1676 अंकित है। याचिका में कहा कि द कॉफी मशीन का 84 हजार अतिरिक्त बिल, पूरी व रूमाली रोटी का अतिरिक्त90 हजार का बिल, दो लाख 70 हजार के सापेक्ष पांच लाख 55 हजार, बिजली बिल दो लाख 72 हजार अतिरिक्त, कुल दो लाख 27 हजार के सापेक्ष सात लाख 57 हजार के अतिरिक्त 15 लाख 34 हजार का बिल प्रस्तुत किया गया।

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याचिका में कहा गया है कि समारोह की व्यवस्थाओं पर किए गए खर्च पर लाखों की अनियमितता कर जनता के पैसे का दुरूपयोग किया गया। याचिकाकर्ता ने मामले में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बडिय़ों का हवाला देते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग है। कोर्ट से ये भी प्रार्थना की गई है कि जिन लोगों ने सरकारी धन का दुरुपयोग कर धन लाभ लिया है, ऐसे सभी लोगों से रिकवरी की जाए और जिन-जिन लोगों की मिलीभगत से धांधली हुई, उन सभी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सभी पक्षकारों को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए है।

 

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