हल्द्वानी- अगर आपके पास है 10 नाली जमीन, तो सरकार की इस योजना से खिल उठेंगे आपके चेहरे

Slider

हल्द्वानी न्यूज- देश में युवाओं के लिए रोजगार को बढ़ावा देने की ओर जहां देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी निरंतर नये-नये प्रयोग कर रहे है। वही उत्तराखंड में भी इसका पूरा असर देखने को मिल रहा है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन एक गंभीर समस्या है। जिसको कम करने के लिए अब उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के अध्यक्ष गजराज बिष्ट द्वारा एक अनोखा प्रयास जल्द ही शुरू किया जाएगा।

दरअसल मंडी समिति, उत्तराखंड के किसानों के लिए एक खास तरह की योजना को प्रारंभ करने के प्रयास में है। जिसके शुरू होते ही पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले किसानों के पुत्र या पुत्री को किसानी करने लिए हर माह 1500 रुपये किसान निती के तहत दिए जाएंगे। इतना ही नहीं खेती करने के लिए आवश्यक वस्तु जैसे- खाद्य, बीच, पौधे आदी भी मंडी द्वारा ही उपल्बध कराई जाएगी।

Slider

यह भी पढ़ें-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना 2019 का शुभारंभ, अब गरीबों को मिलेगा 5 लाख तक मुफ्त इलाज, ऐसे करें आवेदन

gajraj bisht president mandi samiti uttarakhand

मामले में अधिक जानकारी देते हुए मंडी सचीव विश्व विजय ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में तेजी से हो रहे पलायन को रोकने के लिए मंडी समिति द्वारा इस योजना को शुरू किया जा रहा है। इससे न केवल युवाओं को खेती करने में आसानी होगी बल्की उनके लिए रोजगार को भी बड़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस योजना को प्रदेश में स्वरोजगार को बड़ावा देन के लिए लागू किया जा रहा है। जिसके लिए मंडी प्रदेश अध्यक्ष द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें-प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) – अब हर गरीब और मध्यम वर्ग को मिलेगा इस योजना का लाभ

हर जिले से दो गांवो का होगा चयन

सचिव मंडी ने जानकारी दी कि इस योजना को सफल बनाने के लिए उत्तराखंड मंडी समिती तेजी के कार्य कर रही है। जिसके लिए प्रदेश के हर जिले से दो गांवों का चयन मंडी द्वारा किया जाएगा। वही हर गांव से ऐसे युवक युवतियों को तलाशा जाएगा जिनके पास 10 नाली या उससे अधिक कृषि भूमी है। जिसके बाद चयनित गांवो में से योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक लगभग 10-15 युवक युवतियों की सूची तैयार होगी।

kisan yojna uttarakhand

साथ ही भूमि का सत्यापन करके सभी को कृषि तकनीक का प्रशिक्षण देने लिए गोविन्ग बल्लभ पंतनगर विश्वविद्यालय और पर्वतीय कृषि एवं वानिकी महाविद्यालय में भेजा जाएगा। बता दें कि इस योजना के प्रारंभ होने की तारीख से तीन वर्ष के लिए लागू किया जाएगा। जिसके बाद इस योजना के असर पर विचार कर इसको पुनह लागू करने का निर्णय लिया जाएगा।

ये जिले नहीं योजना में शामिल

बता दें कि इस योजना का लाभ जनपद नैनीताल एवं देहरादून को छोड़कर बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंम्पावत, अल्मोड़ा, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी जिलों के लोगों को मिलेगा।

उत्तराखंड की बड़ी खबरें