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धनतेरस 2019- धन त्रयोदशी के दिन करेंगे ये कार्यं, तो हो जाएंगे मालामाल, जानिए धनतेरस की पूजा व विधि-विधान

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धनतेरस की पूजा व विधि-विधान । धनतेरस को धन त्रयोदशी भी कहते हैं। धनतेरस से ही दीपावली की शुरुआत हो जाती है। धनतेरस के दिन ही आयुर्वेद के देवता भगवान धनवंतरि का जन्म हुआ था। भगवान धनवतंरी को औषधि का जनक भी कहा जाता है। इसलिए इस लिए धन त्रयोदशी पर भगवान धनवंतरि, धनकुबेर, श्रीगणेश और माता लक्ष्मी की साथ में पूजा की जाती है। दिवाली से संबंधित खरीदारी भी इसी दिन की जाती है। लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, खील-बताशे और मिट्टी के दिए धनतेरस के दिन ही खरीद लेना चाहिए। जानिए धनतेरस की पूजा व विधि-विधान।

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दीपों का पांच दिवसीय त्योहार दीपावली धनतेरस के साथ शुरू हो जाता है। धनतेरस वाले दिन खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है। दिवाली से संबंधित खरीदारी भी इसी दिन की जाती है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन जिस वस्तु की खरीदारी की जाएगी उसमें 13 गुणा वृद्धि होती है। अक्सर ये सवाल आता है कि आखिर किस सामान की खरीदारी की जाए। तो आज हम आपको कुछ धनतेरस के दिन खरीदारी करने वाले वस्तुओं के बारे में बताने जा रहे हैं…

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धनतेरस 2019 का शुभ मुहूर्त व समय

  • 25 अक्टूबर शुक्रवार को धनतेरस
  • पूजन मुर्हुत शाम 07:08 बजे से रात 08:14 बजे तक है।

1. सोना -चांदी खरीदना – इस दिन सोने या चांदी के आभूषण खरीदने की परंपरा भी है। सोना भी मां लक्ष्मी और बृहस्पति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए लोग सोना भी खरीदते हैं। इस इस दिन आप चांदी के बर्तन या सिक्के खरीद सकते हैं। चांदी चंद्रमा की धातु है। धनतेरस के दिन चांदी की खरीदारी करने से घर में यश, कीर्ति, ऐश्वर्य और संपदा में वृद्धि होती है।

2.बर्तन खरीदना – धनतेरस के दिन बर्तन की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। इस दिन पुराने बर्तनों को बदलकर यथाशक्ति ताम्बे, पीतल, चांदी के गृह-उपयोगी नवीन बर्तन खरीदते हैं। पीतल के बर्तन लक्ष्मी और बृहस्पति के प्रतीक हैं अत: इस दिन सोना नहीं खरीद पा रहे हैं तो पीतल के बर्तन जरूर खरीदें।

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3.धनिया खरीदना – धनतेरस के दिन धनिया की खरीदारी करना भी शुभ माना जाता है। धनतेरस के दिन धनिए के बीज खरीदकर दिवाली वाले दिन उसे उगाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से भी धन का नुकसान नहीं होता है।

4. नए वस्त्र खरीदना – इस दिन दीपावली पर पहनने के लिए नए वस्त्र खरीदने की परंपरा भी है। धनतेरस के दिन पत्नी के लिए लाल वस्त्र और श्रृंगार सामग्री खरीदकर उन्हें उपहार देना शुभ होता है।

5.अन्य वस्तुएं – इसके अलावा इस दिन दीपावली पूजन हेतु लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, खिलौने, खील-बताशे आदि भी खरीदे जाते हैं। कहा जाता है कि इस दिन खरीदी गई हर चीज में बरकत होती है।

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6.धन्वंतरि और लक्ष्मी पूजा – इस दिन समुद्र मंथन के दौरान धन्वंतरि देव अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे और माता लक्ष्मी सोने का गढ़ा लेकर प्रकट हुई थी। अत: इस दिन दोनों की पूजा का महत्व है।

7.यम पूजा –धनतेरस के दिन यमराज के निमित्त जहां दीपदान किया जाता है, वहां अकाल मृत्यु नहीं होती और भय से मुक्ति मिलती है।

8. कौडिय़ा – समुद्र मंथन के दौरान जब लक्ष्मी जी प्रकट हुई थी तो उनके साथ कौड़ी भी आई थी। कमल की फुल की तरह ही कौड़ी भी लक्ष्मी जी को बहुत प्रिय है। धनतेरस के दिन आप कौड़ीयां खरीदकर दिवाली के दिन इनकी पूजा कर अपनी तिजोरी में रखें। मान्यता है कि तिजोरी में कौडय़िां रखने से धन की हानि नहीं होती है।

9. शाम को प्रदोष काल की पूजा के बाद एक चहुंमुखी दीपक जलाकर उसे घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा में रखें। इस दिन दीपक में एक रुपया, कौड़ी आर एक गोमती चक्र डाल दें। यदि कौड़ी और गामती चक्र न हों तो एक रुपया अवश्य डालें। धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि का पूजन अवश्य करें।