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अब सभी को एक ही दिन मिलेगी सैलरी, मोदी सरकार ला रही ये नया कानून

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नई दिल्ली। आने वाले दिनों में नौकरीपेशा लोगों को सैलरी मिलने का सिस्टम बदल सकता है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार वन नेशन, वन पे डे लागू करने के बारे में विचार कर रही है। यदि यह सिस्टम लागू हो जाता है तो पूरे देश में औपचारिक क्षेत्र के सभी कर्मचारियों को एक ही दिन सैलरी मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कानून को पास करने को लेकर काफी गंभीर हैं।

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केंद्र सरकार नये कानून के प्रति गंभीर

मोदी सरकार अब ‘वन नेशन, वन पे डे’ सिस्टम लागू करने जा रही है। इसके लिये खुद पीएम मोदी रुचि लेकर ऐसा कानून बनवा रहे हैं, जो जल्द से जल्द तैयार हो जाए और संसद में पास भी हो जाए। श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने यह जानकारी तब दी जब वह सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री की तरफ से आयोजित ‘सिक्योरिटी लीडरशिप समिट-2019’ को संबोधित कर रहे थे। संतोष गंगवार ने कहा, ” पूरे देश में एक समान व्यवस्था होनी चाहिए, जिसके तहत हर सेक्टर में सभी वर्ग के कर्मचारियों और मजदूरों को एक दिन सैलरी मिले। ऐसा पीएम मोदी खुद चाहते हैं इस बाबत कानून जल्द से तैयार होकर संसद से पास हो जाए। ”

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क्या है मोदी सरकार का विजन

मोदी सरकार का विजन बताते हुए संतोष गंगवार ने कहा कि जिसके पीछे पीएम मोदी का ये उद्देश्य है कि पूरे देश में एक ऐसी समान व्यवस्था होनी चाहिये, जिससे कि हर क्षेत्र के सभी वर्ग के कर्मचारियों और श्रमिकों को एक ही दिन सैलरी मिले और पीएम मोदी को जल्द ही इस विधेयक के पास होने की उम्मीद है। इसी तरह हम विभिन्न क्षेत्रों में सार्वभौमिक न्यूनतम वेतन लागू करने पर भी विचार कर रहे हैं, जिससे श्रमिकों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।

फॉर्मल सेक्टर में काम करने वाले श्रमिकों के हितों की होगी रक्षा

‘वन नेशन, वन पे डे’ के लागू होने के बाद संगठित क्षेत्र के सभी कर्मचारियों को एक ही दिन सैलरी मिलेगी। क्योंकि अभी तक वेतन मिलने का कोई भी सिस्टम टी नहीं था। सरकार का यह भी मानना है कि इससे फॉर्मल सेक्टर में काम करने वाले श्रमिकों के हितों की रक्षा होगी। देश में लगभग 33 लाख केन्द्रीय कर्मचारी हैं और संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की संख्या 40 करोड़ से अधिक है।

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इसके साथ ही मोदी सरकार वेतन संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ और कार्यस्थल स्थिति (ओएसएच) संहिता को लागू करने की प्रक्रिया में है, वहीं वेतन संहिता को पहले ही संसद की मंजूरी मिल चुकी है। ओएसएच संहिता को लोकसभा में 23 जुलाई 2019 को पेश किया गया था, ये संहिता सुरक्षा, स्वास्थ्य और कामकाज के हालातों पर 13 केंद्रीय कानूनों को एक में मिला देगी, जैसे कि हर कर्मचारी को अपॉइंटमेंट लेटर मिले और हर साल प्रत्येक कर्मचारी का फ्री मेडिकल चेकअप किया जाए।

उन्होंने कहा वर्तमान में कंपनियां या संस्था अपने कर्मचारियों को सुविधा के हिसाब से महीने के किसी भी दिन सैलरी दे देती हैं। अधिकतर कर्मचारियों को महीने की 30 या 31 तारीख के अलावा 7 और 15 तारीख को सैलरी मिलती है। वहीं सरकार यूनिफॉर्म मिनिमम वेज प्रोग्राम को लागू करने की दिशा में भी काम कर रही है। वहीं सरकार व्यावसायिक सुरक्षा, हेल्थ ऐंड वर्किंग कंडीशन कोड, कोड ऑन वेजेज को लागू करने की भी तैयारी चल रही है।

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श्रम कानूनों में कर रहे हैं सुधार

केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि 2014 में पदभार संभालने के बाद से मोदी सरकार श्रम कानूनों में सुधार पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने 44 जटिल श्रम कानूनों में सुधार का कार्य किया है। हम इन कानूनों को प्रभावी और लाभदायक बनाने के लिए सभी हितधारकों से बातचीत कर रहे हैं। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड और कोड ऑन वेजेस को लागू करने पर काम कर रही है। संसद पहले ही इन कानूनों को पास कर चुकी है। कोड ऑन वेजेस को लागू करने के लिए सरकार ने फ्रेमवर्क जारी कर दिया है। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने 2014 में सत्ता में आने बाद सबसे पहले सेना में वन रैंक वन पेंशन स्कीम लागू की थी। साथ ही उन्होंने देश के समक्ष वन नेशन वन इलेक्शन का विचार भी पेश किया। वहीं वन नेशन वन मोबिलिटी कार्ड, वन नेशन वन राशन कार्ड, वन नेशन वन टैक्स की परिकल्पनाओं को भी लागू किया है। अब मोदी सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है।