उत्तराखंड - रुद्रपुर के डीडी चौक में विश्वकर्मा मार्केट की 20 दुकानों पर चला पीला पंजा, व्यापारियों ने किया जमकर हंगामा

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उत्तराखंड - रुद्रपुर के डीडी चौक में विश्वकर्मा मार्केट की 20 दुकानों पर चला पीला पंजा, व्यापारियों ने किया जमकर हंगामा

रुद्रपुर - डीडी चौक स्थित विश्वकर्मा मार्केट में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रही। प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में मार्केट की करीब 20 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई का व्यापारियों, समाजसेवियों और स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया। कई प्रदर्शनकारी बुलडोजर के आगे खड़े हो गए और कार्रवाई रोकने की मांग करने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया।

बताया गया कि विश्वकर्मा मार्केट में अतिक्रमण के दायरे में आने वाली दुकानों को हटाने की कार्रवाई पहले भी की गई थी। पूर्व में पांच दुकानों को ध्वस्त किया जा चुका है। बुधवार को बची हुई 41 दुकानों में से करीब 20 दुकानों पर पीडब्ल्यूडी का बुलडोजर चला। प्रशासन की टीम के पहुंचते ही व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में व्यापारी, समाजसेवी और स्थानीय लोग जुट गए।

व्यापारियों का कहना था कि इन दुकानों से उनका वर्षों पुराना रोजगार जुड़ा हुआ है। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था किए दुकानों को ध्वस्त किया जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि पहले उनके पुनर्वास और भविष्य की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट समाधान किया जाए, इसके बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।

विरोध के बावजूद प्रशासन अपनी कार्रवाई पर कायम रहा। रुद्रपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रकाश सिंह के मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। पीडब्ल्यूडी के बुलडोजर ने एक के बाद एक करीब 20 दुकानों को धराशायी कर दिया। इस दौरान प्रशासन और पुलिस के अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद रहे।

कार्रवाई के दौरान कुछ व्यापारी और समाजसेवी बुलडोजर के सामने खड़े हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों और भविष्य की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट समाधान नहीं किया जाता, तब तक दुकानों पर बुलडोजर नहीं चलने दिया जाएगा। कुछ प्रदर्शनकारियों ने विरोध में यह तक कहा कि पहले बुलडोजर उनके ऊपर से चलाया जाए, उसके बाद दुकानों को तोड़ा जाए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर बुलडोजर के सामने से हटाया। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

इसी बीच मौके पर पहुंचे महापौर विकास शर्मा ने व्यापारियों से बातचीत की और उन्हें समझाकर शांत कराया। उन्होंने व्यापारियों को प्रस्तावित दुकानों के आवंटन और प्रभावित दुकानदारों के लिए की जा रही व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।

हालांकि, प्रस्तावित दुकानों के आवंटन को लेकर व्यापारियों के बीच असंतोष बना हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि विश्वकर्मा मार्केट में प्रभावित दुकानदारों की संख्या अधिक है, जबकि प्रस्तावित दुकानों का आवंटन सीमित लोगों को किए जाने की बात सामने आ रही है। व्यापारियों के अनुसार करीब 25 लोगों को ही दुकानें आवंटित किए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में उनका सवाल है कि बाकी प्रभावित दुकानदारों का क्या होगा और उन्हें पुनर्वास की व्यवस्था कहां दी जाएगी।

व्यापारियों का आरोप है कि पहले उन्हें दुकानों के आवंटन और भविष्य में वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब अचानक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से सभी प्रभावित दुकानदारों के लिए पारदर्शी तरीके से पुनर्वास और दुकानों के आवंटन की व्यवस्था करने की मांग की है।

बुधवार की कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस और प्रशासन का भारी बल मौजूद रहा। विरोध के बावजूद करीब 20 दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। अब शेष दुकानों को लेकर भी व्यापारियों में चिंता बनी हुई है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आगे भी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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