Hit And Run Case - क्या है "हिट एंड रन" कानून, जिसके बाद ड्राइवरों ने खड़ी कर दी अपनी-अपनी गाड़ियां, लोग परेशान 

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HIt And Run Case - नए साल के पहले ही दिन उत्तराखंड में यात्री परेशान हैं, केंद्र सरकार ने हिट एंड रन के नये कानूनों को देश लागू करने का एलान किया है, नए हिट एंड रन कानून के विरोध में सोमवार को उत्तराखंड के कई जिलों में निजी और रोडवेज बसों का संचालन ठप हो गया है, जिसका असर प्रदेश के साथ-साथ नैनीताल, हल्द्वानी में भी देखने को मिल रहा है। इस वजह से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उत्तराखंड भर से रोडवेज सहित सभी ट्रांसपोर्ट वाहनों के चालक हड़ताल पर चले गए है। 


लिहाजा एक जनवरी से तीन जनवरी तक तीन दिन देशव्यापी हड़ताल है, यह हड़ताल हिट एंड रन केस के नए कानूनों को लेकर है। आपको बता दें की केंद्र सरकार ने हाल में ही परिवहन एक्ट में संसोधन किया है जिसमें वाहन से दुर्घटना होने पर चालक को कड़ी सजा मिलेगी, लिहाजा सरकार के इस नए कानून से उत्तराखंड में भी वाहन चालकों का गुस्सा चरम पर है। 


इंडियन पीनल कोड, 2023 में हुए संशोधन के बाद हिट ऐंड रन के मामलों में दोषी ड्राइवरों की सजा को और कड़ा किया जा रहा है। नए कानून के तहत फरार और घातक दुर्घटना की सूचना न देने पर ड्राइवरों को 10 साल तक कैद और 7 लाख रुपये तक जुर्माने की सजा है। इससे पहले,आईपीसी की धारा 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत आरोपी को केवल दो साल तक की जेल हो सकती थी लेकिन जुर्माने का प्रावधान नहीं था। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि जब भी कोई दुर्घटना होती है तो ड्राइवर बचने के इरादे से नहीं भागता बल्कि, बेकाबू होती भीड़ से खुद की जान बचाने के लिए भागता है। ऐसे में उस पर सजा का प्रावधान और जुर्माना लगाना ठीक नहीं है।