उत्तराखंड - अब घर बैठे पोर्टल से खरीद सकेंगे भवन निर्माण सामग्री, इस दिन से शुरू होगा ‘यूके मिनरल मार्ट’
देहरादून - उत्तराखंड में निर्माण सामग्री की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच आमजन को राहत देने के लिए सरकार अब ऑनलाइन खरीद का विकल्प उपलब्ध कराने जा रही है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की ओर से तैयार किया गया ‘यूके मिनरल मार्ट’ पोर्टल सात सितंबर से आमजन के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इसके माध्यम से लोग घर बैठे क्रेशर और स्टॉकिस्ट से निर्माण सामग्री की कीमत और उपलब्धता की जानकारी हासिल कर सीधे खरीद कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में तैयार किए गए इस ऑनलाइन मार्ट को खनिज प्रबंधन व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। आमजन भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की ‘खनिज मित्र’ वेबसाइट के माध्यम से यूके मिनरल मार्ट तक पहुंच सकेंगे।
कीमतों की जानकारी भी ऑनलाइन -
प्रदेश में बीते कुछ वर्षों में खनन एवं निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। ऐसे में घर बनाने वाले लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। इसके अलावा कई बार उपभोक्ताओं को निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, कीमत और उपलब्धता को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यूके मिनरल मार्ट के जरिये इन समस्याओं को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। पोर्टल पर जिला और तहसीलवार क्रेशर एवं स्टॉकिस्ट के यहां उपलब्ध निर्माण सामग्री, उसकी कीमत और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज होगी। इससे आमजन को अलग-अलग स्थानों पर जाकर सामग्री और कीमतों की जानकारी जुटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
क्रेशर और स्टॉकिस्ट से सीधे संपर्क -
पोर्टल पर संबंधित क्रेशर और स्टॉकिस्ट संचालकों के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध होंगे। उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार उनसे सीधे संपर्क कर निर्माण सामग्री की खरीद के साथ-साथ उसके परिवहन को लेकर भी बातचीत कर सकेंगे। इस व्यवस्था से निर्माण सामग्री की खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है। साथ ही उपभोक्ताओं को बाजार में उपलब्ध सामग्री की कीमतों की तुलना करने और अपनी सुविधा के अनुसार विक्रेता का चयन करने में मदद मिलेगी।
तकनीक से पारदर्शी होगा खनिज प्रबंधन -
निदेशक खनन राजपाल लेघा ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में यूके मिनरल मार्ट शुरू करने की दिशा में काम किया गया है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से आमजन को निर्माण सामग्री की उपलब्धता और कीमतों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। सरकार का मानना है कि ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से निर्माण सामग्री की खरीद को सुगम बनाने के साथ खनिज प्रबंधन व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।


