उत्तराखंड - यहां बीजेपी नेता से मारपीट का मामला, वन रेंजर समेत तीन वनकर्मियों पर दर्ज हुआ मुकदमा 

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उत्तराखंड - यहां बीजेपी नेता से मारपीट का मामला, वन रेंजर समेत तीन वनकर्मियों पर दर्ज हुआ मुकदमा 

खटीमा - उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र में बीजेपी नेता एवं ग्राम प्रहरी के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में खटीमा वन रेंज के रेंजर सहित तीन वनकर्मियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित की पहचान विपिन राणा के रूप में हुई है, जो बीजेपी अनुसूचित जनजाति चकरपुर मंडल के अध्यक्ष होने के साथ-साथ ग्राम प्रहरी भी हैं। विपिन राणा ने आरोप लगाया है कि वन विभाग के कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन शुरुआती स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होने से बीजेपी कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया।

मामले को लेकर रविवार (19 अप्रैल) को बीजेपी चकरपुर मंडल अध्यक्ष विक्रम भाट के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और कोतवाल विजेंद्र शाह का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन भी सौंपा और पुलिस की देरी पर नाराजगी जताई। पीड़ित विपिन राणा के अनुसार, उन्हें एक वन बीट अधिकारी द्वारा फोन कर वन चौकी बुलाया गया, जहां बिना किसी बातचीत के उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि उन्हें जंगल में ले जाकर भी पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई, साथ ही एक वीडियो भी बनवाया गया।

प्रदर्शन और वार्ता के बाद पुलिस हरकत में आई और खटीमा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी हरेंद्र बिष्ट, वन बीट अधिकारी गंगा राम (गोसीकुआ) और सुंदर सिंह (चकरपुर) के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपों में मारपीट, गाली-गलौज, आपराधिक षड्यंत्र और धमकी देना शामिल है।

कोतवाल विजेंद्र शाह ने बताया कि मामले की जांच उपनिरीक्षक भुवन गहतोड़ी को सौंपी गई है और जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और स्थानीय स्तर पर प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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