Uttarakhand Politics - पूर्व विधायक संजीव आर्य ने चुनाव लड़ने से किया इंकार, कांग्रेस के नए फॉर्मूले के बीच पेश की बड़ी मिशाल 

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Uttarakhand Politics - पूर्व विधायक संजीव आर्य ने चुनाव लड़ने से किया इंकार, कांग्रेस के नए फॉर्मूले के बीच पेश की बड़ी मिशाल 

देहरादून/नैनीताल। उत्तराखंड कांग्रेस में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले "एक परिवार-एक टिकट" की नीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के पुत्र और पूर्व विधायक संजीव आर्य ने आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला कर राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

नैनीताल विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे संजीव आर्य ने न केवल नैनीताल सीट बल्कि राज्य की किसी भी विधानसभा सीट से 2027 का चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। इस निर्णय की पुष्टि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने की है। उन्होंने कहा कि यह संजीव आर्य का व्यक्तिगत फैसला है और फिलहाल वह संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान देना चाहते हैं। पार्टी हाईकमान जो भी जिम्मेदारी सौंपेगा, उसे वह पूरी निष्ठा से निभाएंगे।

संजीव आर्य का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने हाल ही में स्पष्ट संकेत दिए थे कि आगामी चुनाव में पार्टी "एक परिवार-एक टिकट" के सिद्धांत को प्राथमिकता देगी। माना जा रहा है कि संजीव आर्य के कदम से पार्टी के भीतर उन नेताओं पर भी नैतिक दबाव बढ़ेगा, जिनके परिवारों से एक से अधिक सदस्य टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।


इन बड़े नेताओं पर भी पड़ेगा दबाव - 
राज्य कांग्रेस में कई बड़े नेताओं के परिवारों से एक से अधिक संभावित दावेदार मौजूद हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत स्वयं सक्रिय राजनीति में हैं, जबकि उनकी पुत्री अनुपमा रावत हरिद्वार ग्रामीण सीट से विधायक हैं। इसी तरह पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और उनके परिवार के सदस्यों की राजनीतिक सक्रियता भी चर्चा में रहती है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह भी पंचायत राजनीति के जरिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजीव आर्य के फैसले से कांग्रेस के भीतर परिवारवाद और टिकट वितरण को लेकर चल रही बहस को नई दिशा मिल सकती है। साथ ही पार्टी नेतृत्व के लिए "एक परिवार-एक टिकट" के सिद्धांत को लागू करने की राह भी कुछ हद तक आसान हो सकती है। वहीं, अपने चुनाव लड़ने को लेकर यशपाल आर्य ने कहा कि वह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, लेकिन उन्हें किस सीट से उम्मीदवार बनाया जाएगा, इसका निर्णय पार्टी हाईकमान करेगा। 

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