उत्तराखंड पुलिस को मिला नया DGP, कौन हैं IPS अभिनव कुमार जो धारा 370 और आर्यन केस से आये थे चर्चा में 

 | 

Uttarakhand New DGP IPS Abhinav Kumar - डीजीपी अशोक कुमार का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। अब नए डीजीपी अभिनव कुमार (Abhinav Kumar New DGP Of Uttarakhand) को उत्तराखंड पुलिस की कमान मिल गई है। आज अशोक कुमार (IPS Ashok Kumar) ने नए डीजीपी अभिनव कुमार पुलिस की बैटन सौंप दी है। बैटन सौपतें हुए अशोक कुमार भावुक हुए, उन्होंने कहा- उत्तराखंड पुलिस अब सक्षम हाथों में है।

कौन हैं आईपीएस अभिनव कुमार - 
अनुच्छेद 370 और बॉलीवुड अभिनेता आर्यन खान के केस से चर्चा में आए आईपीएस अभिनव कुमार को उत्तराखंड का नया पुलिस महानिदेशक बनाया गया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम पुष्कर सिंह धामी का भरोसेमंद अफसर माना जाता है. वर्तमान पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार IPS-RR-1989 के रिटायर होने के बाद अब अभिनव कुमार ये जिम्मेदारी संभालेंगे. अभिनव कुमार को अपर पुलिस महानिदेशक, अभिसूचना एवं सुरक्षा के साथ अग्रिम आदेशों तक उत्तराखण्ड पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. यानि वह कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्य करेंगे.

 

आईपीएस अभिनव कुमार ने कॉर्डेलिया क्रूज से गिरफ्तार आर्यन खान को 25 दिन जेल में बिताने और मीडिया ट्रायल को लेकर सार्वजनिक तौर पर पत्र लिखकर खेद जताया था. अभिनव कुमार 1996 बैच के आईपीएस अफसर हैं. वो हरिद्वार और देहरादून के एसएसपी, गढ़वाल रीजन के आईजी के साथ बीएसएफ आईजी जैसे पदों पर रहे हैं. आईपीएस अभिनव कुमार आईटीबीपी में जम्मू कश्मीर में तैनात रहे। वो कई साल तक जम्मू-कश्मीर में प्रतिनियुक्ति पर रहे हैं. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के वक्त भी वो जम्मू-कश्मीर में ही थे. अभिनव कुमार देश के चुनिंदा तेजतर्रार पुलिस अफसरों में शुमार हैं. उत्तराखंड में पहली बार जब किसी आईपीएस को मुख्‍यमंत्री का अपर प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया तो ये जिम्‍मेदारी अभिनव कुमार को दी गई थी. वो उत्तराखंड आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं. अभिनव कुमार मीडिया में अक्सर अपने बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। उनका नौ साल पहले सत्यमेव जयेत में प्रोग्राम में पुलिस को लेकर दिया बयान अब तक चर्चा में रहता है। 


1996 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिनव कुमार की गिनती बेहतरीन पुलिस अफसरो में होती है. फिलहाल उन्हें अग्रिम आदेशों तक अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना सूचना एवं सुरक्षा के साथ ही डीजीपी का कार्यभार भी देखना होगा. आपको बता दें कि अभिनव कुमार की गिनती मुख्यमंत्री के करीबियों में होती है.