उत्तराखंड - रुद्रपुर में किसानों का हल्ला-बोल, कलेक्ट्रेट में धरना, बैरिकेडिंग तोड़कर परिसर में घुसे अन्नदाता

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उत्तराखंड - रुद्रपुर में किसानों का हल्ला-बोल, कलेक्ट्रेट में धरना, बैरिकेडिंग तोड़कर परिसर में घुसे अन्नदाता

रुद्रपुर - ऊधमसिंह नगर में किसानों ने शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर जिलेभर से किसान रुद्रपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया और बैरिकेडिंग कर किसानों को मुख्य परिसर में प्रवेश से रोकने का प्रयास किया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत ड्रोन से भी निगरानी की गई। भारतीय किसान यूनियन का धरना 21 से 23 अगस्त तक प्रस्तावित है। किसानों के रुद्रपुर पहुंचने के साथ ही कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर माहौल गरमा गया। किसानों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर लंगर लगाया और सड़क पर बैठकर भोजन किया।

बैरिकेडिंग पर पुलिस से हुई धक्का-मुक्की - 
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश रोकने के लिए पुलिस ने चारों ओर बैरिकेडिंग कर रखी थी। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ किसानों ने बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया। एक किसान बैरिकेडिंग से कूदकर परिसर में प्रवेश करने लगा, जिसे पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश कर गए। किसानों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के सामने ही धरना शुरू कर दिया।

गेट नहीं खुला तो मुख्य गेट पर तंबू लगाने का ऐलान - 
किसानों के प्रवेश के बाद भी कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद रखा गया। गेट खुलवाने को लेकर किसानों और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत और कहासुनी हुई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि मुख्य गेट नहीं खोला गया तो वे वहीं तंबू लगाकर धरना जारी रखेंगे। किसानों का कहना है कि वे सुरक्षित स्थान पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना देना चाहते थे, लेकिन प्रशासन द्वारा प्रवेश रोके जाने के बाद स्थिति बदली। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी किसानों से वार्ता कर स्थिति को संभालने में जुटे हैं।

किसानों की तीन प्रमुख मांगें - 
किसानों ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—

प्रत्येक परिवार को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाए।
किसानों पर जबरन स्मार्ट मीटर न लगाए जाएं।
किसानों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिया जाए।

आंदोलन को देखते हुए स्टेडियम रोड पर किसानों के वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से किसानों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।

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