Uttarakhand Budget 2026 -27 : सीएम धामी ने पेश किया 1.11 लाख करोड़ का बजट, जानिए इस बजट में किसे क्या मिला
गैरसैंण (चमोली) उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में हुई। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट सदन में पेश किया, जो पिछले वर्ष के बजट से लगभग 11.41 प्रतिशत अधिक है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है जब राज्यपाल का अभिभाषण और बजट प्रस्तुति एक ही दिन में हुई। सत्र की शुरुआत में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने सदन को संबोधित किया। इसके बाद दोपहर में मुख्यमंत्री धामी ने बजट पेश करते हुए राज्य आंदोलनकारियों, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वीर नारियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा” संकल्प को साकार करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बजट को संतुलित (SANTULAN) बजट बताते हुए कहा कि इसमें समग्र विकास, आत्मनिर्भरता, नवाचार, कौशल विकास और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है।

स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाओं पर फोकस -
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 4252.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि पूंजीगत मद में 195 करोड़ रुपये रखे गए हैं। राज्य के कई जिलों में अस्पतालों के निर्माण और स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास पर काम जारी है।
अटल आयुष्मान योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
महिला सशक्तीकरण के लिए बढ़ा जेंडर बजट -
सरकार ने जेंडर बजट को बढ़ाकर 19,692.02 करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले वर्ष 16,961.32 करोड़ रुपये था।
महिला और बाल कल्याण योजनाओं के लिए कई प्रावधान किए गए हैं, जिनमें—
नंदा गौरा योजना: 220 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना: 47.78 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना: 30 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना: 25 करोड़ रुपये
आंचल अमृत योजना: 15 करोड़ रुपये
ईजा-बोई शगुन योजना: 122 करोड़ रुपये
समाज के कमजोर वर्गों के लिए प्रावधान
अनुसूचित जातियों के उत्थान के लिए लगभग 2400 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजातियों के लिए 746.75 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यकों के लिए 98 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कृषि, उद्यान और पशुपालन को बढ़ावा -
सरकार ने कृषि, उद्यान और पशुपालन के विकास पर भी जोर दिया है।
एप्पल मिशन: 32 करोड़ रुपये
उद्यान विभाग: 40 करोड़ रुपये
क्रॉप उत्पादन: 39 करोड़ रुपये
उत्तराखंड महक क्रांति: 10 करोड़ रुपये
मिलेट आधारित पोषण सुरक्षा और स्थानीय अनाजों के उत्पादन को बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
डिजिटल और तकनीकी विकास -
सरकार ने साइबर सिक्योरिटी के लिए 15 करोड़ रुपये, समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए 5 करोड़ रुपये और नई भारतीय न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन के लिए भी 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
‘अपणु सरकार’ पोर्टल के माध्यम से 78 विभागों की सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विपक्ष का प्रदर्शन -
विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, बेरोजगारी, भर्ती घोटालों, अंकिता भंडारी मामले में न्याय, महंगाई और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया।सरकार का कहना है कि यह बजट राज्य को आत्मनिर्भर बनाने और सभी वर्गों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
