Tunnel Collapse - एक बार मेरा 'भौ' सुरंग से निकल आए फिर वहां कभी नहीं भेजूंगी, CM से बोली पुष्कर की माँ 
 

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Uttarakhand Tunnel Collapse - उत्तरकाशी सुरंग हादसे में 41 मजदूर फंसे हैं, जिसमें दो मजदूर उत्तराखंड के भी हैं, चम्पावत जिले के टनकपुर के छीनीगोठ में रहने वाले पुष्कर सिंह ऐरी भी 12 नवंबर से सिल्क्यारा सुरंग में फंसे हैं। पिथौरागढ़ जिले के कनालीछीना से चार दशक पूर्व छीनीगोठ में बसे पिता राम सिंह ऐरी कहते हैं कि 12 नवंबर को घर का फोन स्विच ऑफ होने से हादसे की जानकारी अगले दिन सोमवार को मिली। सुरंग में फंसे होने की जानकारी मिलने पर पूरा परिवार सदमे में आ गया। राम सिंह के बड़े बेटे विक्रम 15 नवंबर से सिल्क्यारा में हैं।


रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिलक्यारा सुरंग में फंसे पुष्कर सिंह ऐरी के टनकपुर के छीनीगोठ गांव में जाकर परिजनों को हौसला बंधाया। सीएम ने पुष्कर सिंह ऐरी की मां गंगा देवी और पिता राम सिंह ऐरी से मुलाकात कर फंसे श्रमिकों को जल्द सुरक्षित बाहर निकालने का भरोसा दिलाया। कहा कि सरकार सभी संभव प्रयास कर रही हैं। 
 

इसी दौरान पुष्कर की मां ने कहा मेरा भौ (बेटा) सुरक्षित लौट आए, इसके लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रही हूं। बेटा पुष्कर लौट आए तो मैं फिर कभी उसे सुरंग में काम करने नहीं भेजूंगी। खेती और दूसरे काम कर गुजरबसर कर लेगा। ये बात मां देवकी देवी रविवार को संवाद न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कही। विक्रम की पत्नी ममता ऐरी बताती हैं सास देवकी देवी की तबीयत काफी समय से खराब है। बरेली के एक अस्पताल से उनका इलाज चल रहा है। सुरंग की घटना के बाद से वे गुमसुम हैं। यहां तक कि दवा खानी भी छोड़ दी है। तीन दिन बाद दवा देने के साथ किसी तरह से वे थोड़ा बहुत खाना खा रही हैं। अभी भी न नींद आ रही हैं न ही ज्यादा बोल रही हैं। अब सीएम के भरोसे के बाद जरूर आस बंधी है।