हल्द्वानी - दो फ्लाईओवरों को लेकर सर्वे हुआ पूरा, कंपनी ने लोनिवि को सौंपी अपनी रिपोर्ट, आएगा इतना खर्चा 

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हल्द्वानी - आने वाले समय में हल्द्वानी में हाईकोर्ट शिफ्ट होने के कारण वीआईपी मूवमेंट बढ़ना तय है। ऐसे में हल्द्वानी की सड़कों का चौड़ा होना बहुत जरूरी है। हल्द्वानी शहर आये दिन जाम की जकड़ में रहता है जिससे आम लोगों के साथ ही देश - विदेश से आने वाले पर्यटक भी ट्रैफिक जाम में फंसने से परेशान रहते हैं। 

नैनीताल और कालाढूंगी रोड पर दो अलग-अलग फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। फ्लाईओवर का सर्वे कर रही कंपनी (Survey complete for flyover construction in Haldwani) ने लोनिवि को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। कंपनी ने तीन विकल्प दिए हैं। इनमें से लोनिवि और प्रशासन ने विकल्प एक को सबसे उपयुक्त पाया है। विकल्प एक के हिसाब से फ्लाईओवर बनने पर 231 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। हालांकि इसमें भूमि अधिग्रहण शामिल नहीं है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद लोक निर्माण विभाग ने हल्द्वानी में फ्लाईओवर की व्यवहारिकता जांचने के लिए गाजियाबाद की एएस कंस्ट्रक्शन कंपनी को हायर किया था। कंपनी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। कंपनी ने तीन विकल्प दिए हैं। इनमें प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने पहला विकल्प सबसे उपयुक्त पाया है। इस विकल्प के अनुसार, पिलरों पर दो फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। एक, बरेली रोड पर गांधी स्कूल के पास से शुरू होकर और नैनीताल रोड पर तिकोनिया चौराहे से कुछ आगे उतरेगा। इसकी लंबाई 2.8 किलोमीटर होगी, जबकि दूसरा फ्लाईओवर, जेलरोड चौराहे से कुछ आगे से शुरू होकर लालडांठ के पास नीचे उतरेगा। जिसकी लंबाई 1.62 किलोमीटर होगी। फ्लाईओवर बनने में 231 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसमें भूमि अधिग्रहण का खर्च शामिल नहीं है।

कंपनी ने दिए थे ये विकल्प - 
फ्लाईओवर का डिजायन बना रही कंपनी ने सर्वे कर तीन विकल्प दिए थे। तीनों विकल्प में नैनीताल रोड की डिजायन में कोई बदलाव नहीं होना था। सिर्फ कालाढूंगी रोड के डिजायन पर ही बदलाव होना था। पहला विकल्प था नैनीताल रोड का फ्लाईओवर गांधी स्कूल के पास से ऊपर चढ़ेगा और तिकोनिया चौराहे से थोड़ा आगे उतरेगा। दूसरा फ्लाईओवर जेलरोड चौराहे के थोड़ा आगे से उपर चढ़ेगा और लालडांठ के पास नीचे उतरेगा। दूसरे विकल्प में कालाढूंगी रोड पर फ्लाईओवर जेल रोड से शुरू होकर कुसुमखेड़ा तक बनाया जाना था। इस पर 278.9 करोड़ खर्च होते। तीसरा विकल्प था कि फ्लाईओवर गांधी स्कूल नैनीताल रोड से शुरू होकर तीनपानी तक जाता और कालाढूंगी रोड पर टी प्वांइट बनाते हुए इसी फ्लाईओवर से जोड़ते हुए लालडांठ पर उतरना था। इस पर 271.3 करोड़ खर्च प्रस्तावित किया गया था।

 

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी ने बताया कि पहला विकल्प सबसे अच्छा है। इससे नैनीताल रोड पर 60 प्रतिशत और कालाढूंगी रोड पर 40 प्रतिशत ट्रैफिक लोड कम हो जाएगा।
डीएम ने सभी हितधारकों के साथ चार अगस्त को बैठक बुलाई है। इसमें फ्लाईओवर को लेकर चर्चा होगी। बताया जाएगा कि इसके बनने से किसी तरह बाजार पर कोई असर नहीं होगा। साथ ही हितधारकों के सुझाव भी लिए जाएंगे। डीएम वंदना ने लोक निर्माण विभाग से पूछा है कि फ्लाईओवर न बनाकर अगर सड़क को चौड़ा कर दिया जाए तो इस पर कितना खर्च होगा। कितना अतिक्रमण हटाना पड़ेगा। साथ ही यह भी कहा कि जितना फ्लाईओवर पर खर्च हो रहा है, उतने में तो सड़क चौड़ीकरण हो जाएगी। इस प्रस्ताव पर भी लोनिवि ने काम करना शुरू कर दिया है।