उत्तराखंड पुलिस की नौकरी को बाय-बाय कर जंतर- मंतर पहुंचे शेर सिंह, बैज उतारकर CJP के संस्थापक को पकड़ा दिया 

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उत्तराखंड पुलिस की नौकरी को बाय-बाय कर जंतर- मंतर पहुंचे शेर सिंह, बैज उतारकर CJP के संस्थापक को पकड़ा दिया 

नई दिल्ली - उत्तराखंड पुलिस के जवान शेर सिंह ने नौकरी से इस्तीफा देने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर अपनी नाराजगी जाहिर की। पिथौरागढ़ जनपद में तैनात रहे शेर सिंह ने पुलिस व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उनके अलावा कई अन्य जवान भी इस्तीफा देने की तैयारी में हैं। जंतर-मंतर पर मीडिया से बातचीत के दौरान शेर सिंह ने 20 मार्च को हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए कहा कि वह इस घटना से आहत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं पर हुए लाठीचार्ज की घटना ने उन्हें काफी दुख पहुंचाया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस सेवा छोड़ने का निर्णय लिया।

शेर सिंह ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती के पेपर तक परचून की दुकानों पर बिक रहे हैं। हालांकि, उनके इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने आशंका जताई कि उत्तराखंड लौटने पर उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है। शेर सिंह ने कहा कि उन पर कार्रवाई की जा सकती है और उन्होंने अपनी आवाज दबाने की कोशिश किए जाने की बात कही।

"जनता और समाज की रक्षा करूंगा" - 
जंतर-मंतर पर दिए अपने संबोधन में शेर सिंह ने कहा कि वह अब नेताओं की सुरक्षा करने के बजाय जनता और समाज की रक्षा के लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "मैं जनता और कोकरोच के साथ हूं।" उन्होंने कहा कि अगर अपने हक के लिए आवाज उठाना बगावत है तो वह बागी हैं। इस दौरान उन्होंने शहीद भगत सिंह के विचारों का जिक्र करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

मंच से भाषण देने के बाद शेर सिंह ने अपने कंधे पर लगा उत्तराखंड पुलिस का बैज उतारकर कॉकरोच जनता पार्टी CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को सौंप दिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह पुलिस सेवा छोड़ने के अपने फैसले को सार्वजनिक करते नजर आ रहे हैं। शेर सिंह ने दावा किया कि पुलिस विभाग के कई अन्य जवान भी मौजूदा हालात को लेकर नाराज हैं और आने वाले समय में कुछ और जवान इस्तीफा दे सकते हैं।

इस मामले में उत्तराखंड पुलिस की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। एसपी पिथौरागढ़ से जब बात करने की कोशिश की गई उनकी तरह से कॉल नहीं उठाया गया। वहीं, पूरे घटनाक्रम को लेकर विभाग के स्तर पर स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी की बात सामने आ रही है।

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