उत्तराखंड - देहरादून में राहुल गांधी के दौरे से पहले सियासी घमासान, कार्यक्रम स्थल को लेकर विवाद, 2.50 लाख रजिस्ट्रेशन 

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उत्तराखंड - देहरादून में राहुल गांधी के दौरे से पहले सियासी घमासान, कार्यक्रम स्थल को लेकर विवाद, 2.50 लाख रजिस्ट्रेशन 

 

देहरादून - लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 17 जुलाई को प्रस्तावित देहरादून दौरे से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। उनके "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर कांग्रेस और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। मंगलवार देर रात परेड ग्राउंड में कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच लंबे समय तक हंगामा चलता रहा।

कांग्रेस का कहना है कि उसने 10 जुलाई को ही परेड ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति प्राप्त कर ली थी। वहीं प्रशासन का तर्क है कि परेड ग्राउंड में केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "लोक संवर्धन पर्व" की अवधि 17 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। इसके अलावा 16 और 17 जुलाई को राज्यपाल के कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। ऐसे में फिलहाल मैदान उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

देर रात कांग्रेस की ओर से टेंट सामग्री से लदे ट्रक परेड ग्राउंड पहुंचाए गए, लेकिन पुलिस ने चार ट्रकों को पहले ही बन्नू स्कूल ग्राउंड भेज दिया था। बाद में परेड ग्राउंड के बाहर खड़े दो अन्य ट्रकों को भी पुलिस ने वहां से हटाकर बन्नू ग्राउंड पहुंचा दिया। मौके पर जिलाधिकारी आशीष चौहान, एसपी सिटी प्रमोद कुमार सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। प्रशासन के अनुसार राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए अब तक लगभग ढाई लाख लोगों का पंजीकरण हो चुका है, जिससे कार्यक्रम को लेकर युवाओं और छात्रों में उत्साह देखा जा रहा है।

कार्यक्रम के सफल संचालन और समन्वय के लिए कांग्रेस ने एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। प्रदेश महामंत्री (संगठन) राजेंद्र भंडारी ने बताया कि ओमप्रकाश सती को समिति का संयोजक बनाया गया है, जबकि मोहन काला, सुनीत सिंह राठौर, यशपाल चौहान, सुलेमान अली, गोपाल सिंह गढ़िया, प्रशांत खंडूरी, विजयपाल रावत, सुशील डोभाल और आदर्श सूद को सदस्य नियुक्त किया गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले 4 जून को खराब मौसम के कारण राहुल गांधी का अल्मोड़ा और पौड़ी दौरा स्थगित करना पड़ा था। अब 17 जुलाई के देहरादून दौरे से पहले कार्यक्रम स्थल को लेकर पैदा हुआ विवाद प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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