नैनीताल - जिला पंचायत चुनाव में बवाल के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष समेत 11 नामजद, हाईकोर्ट में 18 अगस्त को सुनवाई
नैनीताल – उत्तराखंड के नैनीताल जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर 14 अगस्त को हुआ बवाल अब गंभीर मोड़ ले चुका है। बीजेपी और कांग्रेस ने एक-दूसरे पर पंचायत सदस्यों को किडनैप करने के आरोप लगाए थे। वहीं अब इस मामले में पुलिस ने भाजपा जिलाध्यक्ष समेत 11 नामजद और 15–20 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
चार तहरीरें, कई नामजद आरोपी-
कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पा नेगी, सदस्य जीशान्त कुमार और अन्य दो सदस्यों के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए हैं। आरोपियों में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, भाजपा प्रत्याशी दीपा दर्मवाल के पति आनंद दर्मवाल, शंकर कोरंगा, प्रमोद बोरा, प्रखर साह, बीबी भाकुनी, विशाल नेगी, पंकज नेगी, शुभम दर्मवाल और कोमल दर्मवाल शामिल हैं। इनके अलावा 15 से 20 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
इन धाराओं में मुकदमा दर्ज -
नैनीताल एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने बताया कि आरोपियों पर बीएनएस की धारा 191(2), 140(3), 115(2), 352, 351(3), 74 और 62 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।
कांग्रेस के आरोप और हंगामा -
कांग्रेस नेता यशपाल आर्य ने खुद पर और हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश पर मारपीट का आरोप लगाया था। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या करते हुए विपक्षी सदस्यों का अपहरण किया।
चुनाव परिणाम सीलबंद -
14 अगस्त को मतदान और हंगामे के बाद निर्वाचन आयोग ने मतगणना तो कराई, लेकिन परिणाम घोषित नहीं किया। नैनीताल जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि चुनाव परिणाम सीलबंद लिफाफे में डबल लॉकर में सुरक्षित रखे गए हैं।
हाईकोर्ट में अगली सुनवाई -
18 अगस्त को नैनीताल हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी। परिणाम तभी कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा और हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट पर टिकी हैं, जहां से जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव का भविष्य तय होगा।
