नैनीताल - उत्तराखंड में एलटी शिक्षकों की प्रवक्ता पदोन्नति का रास्ता साफ, हाई कोर्ट के आदेश से दूर हुई कानूनी अड़चन
नैनीताल/ देहरादून - उत्तराखंड के करीब 3100 एलटी (सहायक अध्यापक) शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। प्रवक्ता पद पर पदोन्नति की लंबे समय से लंबित प्रक्रिया अब फिर से शुरू होने की उम्मीद है। चार वर्ष तीन माह से चली आ रही कानूनी अड़चन उच्च न्यायालय के ताजा आदेश के बाद समाप्त हो गई है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा पहले ही भुवन चंद्र कांडपाल मामले में तय हो चुका है, जिसे हाईकोर्ट की खंडपीठ और बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा था। इसलिए इस प्रश्न पर दोबारा विचार करने का कोई औचित्य नहीं है।
हाई कोर्ट ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजपुर रोड देहरादून की प्रधानाचार्य प्रेमलता बौड़ाई की याचिका का निस्तारण करते हुए 21 अप्रैल 2022 को उत्तराखंड लोक सेवा अधिकरण (ट्रिब्यूनल) के फैसले को सही ठहराया है। न्यायालय ने 21 नवंबर 1995 के शासनादेश के आधार पर एक अक्टूबर 1990 से वरिष्ठता निर्धारित करने के निर्णय को बरकरार रखा। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि सरकार 26 और 27 नवंबर 2025 के आदेशों के माध्यम से एक अक्टूबर 1990 से पहले नियुक्त शिक्षकों की वरिष्ठता उनके नियमितीकरण की तिथि से निर्धारित कर चुकी है। इसी आधार पर याचिका का निस्तारण किया गया।
2022 से रुकी थी पदोन्नति प्रक्रिया -
हाई कोर्ट के आदेश के बाद 21 अप्रैल 2022 से रुकी एलटी से प्रवक्ता पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया के आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2022 में 2286 एलटी शिक्षकों की पदोन्नति का प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को भेजा था, लेकिन न्यायालयी विवाद के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी। बीते चार वर्षों में पदोन्नति के पात्र शिक्षकों की संख्या बढ़कर करीब 3100 हो गई है। पदोन्नति होने से प्रदेश के विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों के राजकीय इंटर कॉलेजों में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ताओं की कमी दूर होने की उम्मीद है।
आदेश मिलने के बाद होगी आगे की कार्रवाई -
माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद प्रसाद सिमल्टी ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति अभी विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। आदेश मिलने और उसका विधिवत अध्ययन करने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। एलटी शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से लंबे समय से इंतजार कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
