Loksabha Election - अब गणेश गोदियाल को इनकम टैक्स का नोटिस, बोले पौड़ी सीट पर हार के डर से बौखला गई है भाजपा 
 

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Loksabha Election 2024- लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा और कांग्रेस का एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप जारी हैं। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पौड़ी लोकसभा सीट से पार्टी के प्रत्याशी गणेश गोदियाल और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के बीच नोटिस-नोटिस का खेल लंबे समय से चल रहा है। हालांकि, खास मौकों पर नोटिस का जिन्न बाहर निकल आता है। इस बार भी सियासत के गलियारों में आयकर विभाग के नोटिस ने करीब 06 साल बाद हलचल तेज कर दी है। महाराष्ट्र (मुंबई) के आयकर कार्यालय ने कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल को 03 नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। इस नोटिस के बाद गणेश गोदियाल ने कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा पौड़ी संसदीय सीट पर हार के डर से बौखला गई है और ऐसे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।


इससे पहले वर्ष 2018 में भी आयकर विभाग ने गणेश गोदियाल को नोटिस जारी किया था। तब उनके बैंक खाते भी फ्रीज करा दिए गए थे। गणेश गोदियाल बदरी केदार मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष हैं और तब उन्होंने केदारनाथ मंदिर में कराए गए लेजर शो का विरोध किया था। लेजर शो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गुणगान किया गया था। गणेश गोदियाल समेत कांग्रेस के तमाम नेताओं ने आरोप लगाया था कि यह कार्रवाई लेजर शो का विरोध करने के चलते की गई है। तब आयकर विभाग ने बताया था कि गणेश गोदियाल पर आयकर के रूप में करीब 96 लाख रुपये का बकाया है और इसी क्रम में कार्रवाई की गई है।


गोदियाल ने कहा, बकाया नहीं है - 
दूसरी तरफ कांग्रेसी नेता गणेश गोदियाल का कहना है कि वह हमेशा ईमानदारी के साथ आयकर जमा कराते रहे हैं। आयकर जो बकाया बता रहा है, उसका जवाब उनके पास है। पूर्व में भी वह आयकर अधिकारियों को जवाब दे चुके हैं। इसके बाद भी विवाद बना हुआ है। चुनाव के मौके पर इस तरह नोटिस भेजा जाना सिर्फ परेशान करने वाली बात है। वह इन बातों से परेशान होने वाले नहीं हैं। वह डटकर मुकाबला करेंगे और रुकेंगे नहीं।


आयकर विभाग ने सूचनाओं और असेसमेंट के बाद निकाला बकाया
आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल का उत्तराखंड से लेकर महाराष्ट्र तक कारोबार है। वर्ष 2017-18 के आसपास उनकी आयकर रिटर्न का असेसमेंट किया गया था। कुछ सूचनाएं भी मिली थीं। जिनके परीक्षण पर पता चला था कि गोदियाल को कुछ कंपनियों से धनराशि मिली थी। जिसे उन्होंने रिटर्न में खर्चे के रूप में समायोजित कर लिया था। हालांकि, वह खर्चों का स्पष्टीकरण नहीं दे पाए थे। उस दौरान यह बकाया राशि करीब 55 लाख रुपये थी। जो पेनाल्टी और ब्याज के साथ बढ़कर 96 लाख या इससे अधिक हो चुकी है। तब गणेश गोदियाल के रिटर्न का असेसमेंट देहरादून आयकर ने किया था। संभवतः अब उन्होंने अपना पैन महाराष्ट्र ट्रांसफर करवा लिया है।