हल्द्वानी - आदर्श और आधुनिक हल्द्वानी बनाने में स्वर्गीय डॉ. इंदिरा का रहा है सबसे बड़ा योगदान, ऐसे किया आयरन लेडी को याद
 

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हल्द्वानी - आदर्श और आधुनिक हल्द्वानी बनाने में स्वर्गीय डॉ. इंदिरा का रहा हैं सबसे बड़ा योगदान, ऐसे किया आयरन लेडी को याद

हल्द्वानी - कांग्रेस ने आज स्वराज आश्रम में स्वर्गीय डॉ. इंदिरा हृदयेश की 85वीं जन्म जयंती पर उन्हें याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की। हल्द्वानी के विकास में उनके योगदान को याद करते हुए उनके पुत्र विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि उनकी माताजी गरीब, मजबूर और हर वर्ग के लोगों के साथ परिवार की तरह खड़ी रहती थीं। हृदयेश ने भावुक होते हुए कहा, "आपका आम व्यक्ति से लेकर पार्टी और संगठन के कार्यकर्ताओं तक सीधा जुड़ाव और स्वच्छ राजनीति की राह दिखाना हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा। महिलाओं के सशक्तिकरण, बेरोजगारों के रोजगार और हल्द्वानी के समग्र विकास में उन्होंने जो योगदान दिया, वह सदैव याद किया जाएगा।"


हल्द्वानी के विकास में डॉ. इंदिरा हृदयेश का रहा है अद्वितीय योगदान - 
स्वर्गीय डॉ. इंदिरा हृदयेश का हल्द्वानी के विकास में अद्वितीय योगदान रहा। उन्होंने न केवल शहर के बुनियादी ढांचे और सामाजिक सेवाओं के विस्तार में काम किया, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और रोजगार जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण पहल की। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और जनसेवा की भावना ने हल्द्वानी को एक आदर्श और आधुनिक शहर बनाने में मदद की। उनके प्रयासों से शहर में सामाजिक न्याय और सबके लिए समान अवसर की भावना मजबूत हुई, जिसे आज भी लोग याद करते हैं।


नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. इंदिरा हृदयेश को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उनके समर्पण, सादगी और दृढ़ नेतृत्व ने उत्तराखंड की राजनीति में एक विशिष्ट पहचान बनाई।यशपाल आर्य ने आगे कहा, "जनसेवा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और प्रदेश के विकास में उनका योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा। उनका जीवन हम सभी के लिए सेवा, संघर्ष और समर्पण का आदर्श उदाहरण है।" स्वर्गीय इंदिरा हृदयेश की जयंती पर उन्हें याद करते हुए हल्द्वानीवासियों की आंखों में आज भी आंसू उमड़ पड़े और उनके योगदान को सलाम किया गया।

 

स्वर्गीय इंदिरा हृदयेश का जन्म 24 मार्च 1941 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज), उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ था। उन्होंने बाद में उत्तराखंड/उत्तर प्रदेश राजनीति में लंबा और समर्पित राजनीतिक जीवन बिताया, जिसमें वे विधायक, मंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में सक्रिय रहीं। स्वर्गीय इंदिरा हृदयेश का निधन 13 जून 2021 को नई दिल्ली में हुआ था। वह उस दिन दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में एक पार्टी बैठक में शामिल होने आई थीं, जब उनकी तबीयत अचानक खराब हो गयी और हार्ट अटैक/कार्डिएक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया। वह उस समय 80 वर्ष की थीं।

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