हल्द्वानी - अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग, यूथ कांग्रेस ने निकाली राज्यपाल दुष्यंत गौतम की प्रतीकात्मक शव यात्रा

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हल्द्वानी - अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग, यूथ कांग्रेस ने निकाली राज्यपाल दुष्यंत गौतम की प्रतीकात्मक शव यात्रा

हल्द्वानी - अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। बृहस्पतिवार को हल्द्वानी में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर भाजपा नेता और सिक्किम के नवनियुक्त  राज्यपाल दुष्यंत गौतम के खिलाफ आक्रोश जताया। कार्यकर्ताओं ने बुद्ध पार्क से एसडीएम कोर्ट तक प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और वहां प्रतीकात्मक शव का दहन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा का झंडा भी जलाकर विरोध जताया।

प्रदर्शनकारी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, मामले में जवाबदेही तय करने और कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों के जवाब सार्वजनिक करने की मांग कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने दुष्यंत गौतम के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाते हुए कहा कि मामले से जुड़े सभी सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के तहत दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

दिल्ली में परिजनों को हटाए जाने की खबर से बढ़ा आक्रोश - 
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में अंकिता भंडारी के माता-पिता के इंडिया गेट पर न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठने का भी जिक्र किया। परिजनों को पुलिस द्वारा वहां से हटाए जाने की खबर के बाद कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि पीड़ित परिवार की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उन्हें न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

बुद्ध पार्क से एसडीएम कोर्ट तक निकाली शव यात्रा - 
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता बुद्ध पार्क में एकत्र हुए और वहां से प्रतीकात्मक शव यात्रा शुरू की। जुलूस एसडीएम कोर्ट के बाहर पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया। प्रदर्शन के दौरान अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के समर्थन में नारे लगाए गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलता और मामले से जुड़े सवालों का समाधान नहीं होता, तब तक इस मुद्दे को उठाया जाता रहेगा।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय सुनिश्चित करना और परिवार की मांगों पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है। उन्होंने सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों से मामले में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की। साथ ही कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों पर कार्रवाई कानून और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप होनी चाहिए।

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर दिल्ली से लेकर उत्तराखंड तक जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच यह मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। अब सभी की निगाहें सरकार और संबंधित एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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