हल्द्वानी - बनभूलपुरा में पीएम आवास योजना के तहत सत्यापन तेज, निकलकर आयी चौंकाने वाली बातें, आवेदन हो सकता है निरस्त 

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हल्द्वानी - बनभूलपुरा में पीएम आवास योजना के तहत सत्यापन तेज, निकलकर आयी चौंकाने वाली बातें, आवेदन हो सकता है निरस्त  Haldwani Banbhulpura Railway land

हल्द्वानी - जिला प्रशासन के निर्देश पर बनभूलपुरा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भौतिक सत्यापन का कार्य तेज कर दिया गया है। इसके लिए गठित छह टीमें घर-घर जाकर आवेदकों की जानकारी जुटा रही हैं। यह प्रक्रिया उन लोगों को योजना का लाभ देने के उद्देश्य से की जा रही है, जो वास्तव में इसके पात्र हैं। सत्यापन के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। टीमों को जांच में पता चला कि कुछ आवेदकों ने फार्म जमा करते समय यह जानकारी छुपाई थी कि उनके पास अन्य राज्यों, जैसे उत्तर प्रदेश और दिल्ली में पहले से मकान मौजूद हैं। ऐसे मामलों में योजना के मानकों के अनुसार आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं।

हालांकि, प्रशासन का कहना है कि अंतिम निर्णय सर्वे पूरा होने के बाद प्रशासनिक समिति द्वारा लिया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया बनभूलपुरा बनाम रेलवे अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए की जा रही है। गौरतलब है कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने 20 मार्च से 1 अप्रैल तक बनभूलपुरा में कैंप लगाकर लगभग सात हजार प्रभावितों के आवेदन पत्र एकत्र किए थे। अब इन आवेदनों की जांच और स्क्रूटनी के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट को भेजा जाएगा।

गुरुवार को मौके पर किए गए निरीक्षण में पाया गया कि सर्वे टीमें प्रत्येक आवेदक से विस्तृत जानकारी ले रही हैं। कई घरों में यह भी सामने आया कि लोग यहां किराए पर रह रहे हैं और स्वयं को योजना का पात्र दिखाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि उनके पास अन्य स्थानों पर स्थायी आवास हैं।


नगर आयुक्त पारितोष वर्मा ने बताया कि योजना के स्पष्ट मानकों के अनुसार लाभार्थी के पास कहीं और मकान नहीं होना चाहिए। यदि सत्यापन में ऐसे मामले सामने आते हैं, तो फील्ड कर्मी अपनी रिपोर्ट प्रशासनिक समिति को सौंपेंगे, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुंचे।

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