उत्तराखंड - पेपर लीक मामला रामलीला मंच तक पंहुचा, रावण बोला लंका में सब ठीक है पर उत्तराखंड में पेपर लीक है!
पिथौरागढ़ - उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक का मामला अब धार्मिक मंचों तक पहुंच गया है। जिले के टकाना गांव की रामलीला में कलाकारों ने इस संवेदनशील मुद्दे पर व्यंग्य करते हुए दर्शकों को गुदगुदाया भी और सोचने पर मजबूर भी कर दिया। टकाना की रामलीला के तीसरे दिन, जहां एक ओर राम के शिवधनुष तोड़ने और सीता स्वयंवर की लीला का मंचन हुआ, वहीं दूसरी ओर मंच पर बैठे रावण ने समकालीन हालातों पर कटाक्ष करते हुए कहा “लंका में सब कुछ ठीक चल रहा है, लेकिन उत्तराखंड में पेपर लीक हो गया है!
उत्तराखंड - पेपर लीक मामला रामलीला मंच तक पंहुचा, रावण बोला लंका में सब ठीक है पर उत्तराखंड में पेपर लीक है! pic.twitter.com/2IJaQoNKVM
— News Today Network (@newstodaynetwo1) September 26, 2025
रावण का यह व्यंग्य पटवारी भर्ती परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण की ओर इशारा करता है, जिसने राज्य की भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रावण के इस संवाद पर दर्शक हँसी नहीं रोक सके, लेकिन साथ ही यह व्यंग्य गंभीर प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा भी कर गया। राम दरबार में जब यह संवाद बोला गया तो पूरे पंडाल में हंसी और चर्चा दोनों का माहौल बन गया।
सामाजिक मंच बना जागरूकता का जरिया -
रामलीला के माध्यम से ऐसे मुद्दों को उठाना एक रचनात्मक सामाजिक हस्तक्षेप माना जा रहा है। दर्शक भी इस प्रयोग से उत्साहित दिखे और कलाकारों की सराहना की। एक स्थानीय दर्शक ने कहा “धार्मिक मंचों से भी जब ऐसी बातें उठती हैं, तो सरकार और जनता – दोनों पर असर पड़ता है।” उत्तराखंड में जिस तरह से पेपर लीक की घटनाएं युवाओं में निराशा फैला रही हैं, वहीं रामलीला जैसे सांस्कृतिक मंचों से इस पर व्यंग्य के माध्यम से सवाल उठाया जाना दर्शाता है कि अब जनता जागरूक हो चुकी है, और हर मंच से प्रशासन से जवाब मांग रही है।



