Uttarakhand News - ततैयों के हमले से टेलर की गई जान, सीमांत क्षेत्र पिथौरागढ़ जिले में एक वर्ष में हुई इतनी मौतें, दर्जनों घायल
पिथौरागढ़/मुनस्यारी - सीमांत जिला पिथौरागढ़ के मुनस्यारी तहसील क्षेत्र के मदकोट में ततैयों के हमले ने एक और जान ले ली। शनिवार को मदकोट से पांच किमी दूर रहने वाले 55 वर्षीय बहादुर सिंह पुत्र गंगा सिंह पर ततैयों के झुंड ने हमला कर दिया। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, बहादुर सिंह सिलाई का कार्य करते थे और रोजाना गांव से पैदल मदकोट स्थित अपनी दुकान जाते थे। शनिवार को भी वह घर से दुकान के लिए निकले थे, तभी रास्ते में ततैयों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बहादुर सिंह को परिजनों ने मदकोट अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें मुनस्यारी और फिर जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद बहादुर सिंह ने दम तोड़ दिया।
एक हफ्ते में दूसरा हमला, महिला गंभीर रूप से घायल -
एक सप्ताह पूर्व भी ऐंचोली क्षेत्र में घास काटने गई 26 वर्षीय हेमा देवी पर ततैयों ने हमला कर दिया था। सिर और हाथ पर गंभीर सूजन के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के दौरान हेमा देवी जैसे-तैसे ततैयों से बचते हुए अपने घर पहुंचीं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ है।
पिछले साल भी गई थी एक महिला की जान
पिछले वर्ष नवंबर में मूनाकोट विकासखंड के मल्ली भटेड़ी में ततैयों ने एक महिला पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल महिला को जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पिथौरागढ़ जिले में पिछले एक वर्ष के भीतर ततैयों के हमले में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर घास काटने, खेतों में काम करने या आवाजाही के दौरान ततैयों के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ततैयों के छत्तों की पहचान कर उन्हें हटवाने और लोगों को जागरूक करने की मांग की है। जंगलों, रास्तों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ततैयों के छत्तों को हटाना अब जरूरी हो गया है, ताकि और जानें न जाएं।
