उत्तराखंड - कैंची धाम में बढ़ती भीड़ पर प्रशासन सख्त, अब पंजीकरण के बाद ही प्रवेश, प्रशासन शुरू करेगा पोर्टल

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उत्तराखंड - कैंची धाम में बढ़ती भीड़ पर प्रशासन सख्त, अब पंजीकरण के बाद ही प्रवेश, प्रशासन शुरू करेगा पोर्टल

उत्तराखंड - कैंची धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ और लगातार बिगड़ रही यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन अब पंजीकरण व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। कैंची धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंदिर जाने से पहले ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। बिना पंजीकरण के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन जल्द ही पोर्टल शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए डीएम और एसएसपी की संयुक्त रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

मंगलवार को जिला विकास प्राधिकरण सभागार में हुई बैठक में मंडलायुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को पंजीकरण व्यवस्था जल्द लागू करने के निर्देश दिए। पोर्टल के माध्यम से प्रशासन को पहले से पता चल सकेगा कि किसी दिन कैंची धाम में कितने श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके आधार पर यातायात, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं तैयार की जाएंगी।

मेले में पहुंचे 1.30 लाख श्रद्धालु - 
प्रशासन के अनुसार जून के बाद से कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। मेले के दौरान तीन दिनों में करीब 1.30 लाख श्रद्धालु यहां पहुंचे थे। सामान्य वीकेंड पर भी 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात सामने आई है। पिछले सप्ताह एक दिन में करीब 40 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।

कैंची धाम में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग व्यवस्था करने के निर्देश - 
मंडलायुक्त ने भीड़ बढ़ने की स्थिति में मंदिर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में एक ही गेट से प्रवेश और निकासी होने के कारण भीड़ प्रबंधन में परेशानी हो रही है। प्रशासन को अगले 15 दिन में व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए गए हैं।

20 हजार बेड क्षमता से जोड़ा जाएगा पंजीकरण - 
पंजीकरण व्यवस्था को क्षेत्र की ठहरने की क्षमता से भी जोड़ा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक नैनीताल, भीमताल और मुक्तेश्वर क्षेत्र में करीब 20 हजार बेड की क्षमता है और 1019 होमस्टे संचालित हैं। पंजीकरण के आंकड़ों से प्रशासन यह आकलन कर सकेगा कि क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के मुकाबले ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं। इसी आधार पर भीड़, यातायात और सुरक्षा की तैयारियां की जाएंगी।

पुलिस व्यवस्था पर कमिश्नर ने मांगा जवाब - 
बीते सप्ताहांत कैंची धाम में यातायात अव्यवस्था को लेकर मंडलायुक्त ने एसएसपी से जवाब मांगा। उन्होंने काठगोदाम से कैंची धाम तक विभिन्न प्वाइंट पर पुलिस बल की तैनाती की जानकारी ली। आगामी सप्ताहांत में यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। एसडीएम, सीओ और आरटीओ को हर वीकेंड फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा गया है।

भीमताल, विकास भवन, भवाली और मस्जिद तिराहे से शटल सेवा संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। कैंची धाम और आसपास के प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने को भी कहा गया है। कैंची धाम बाईपास के निर्माण में देरी पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए लोनिवि अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

ओवररेटिंग पर सख्ती, रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य - 
कैंची धाम में श्रद्धालुओं से खाद्य सामग्री, प्रसाद, नहाने की सुविधा और होटल-होमस्टे के नाम पर कथित तौर पर मनमाने दाम वसूलने की शिकायतों पर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। बैठक में लोगों ने ओवररेटिंग की शिकायतें उठाईं। कुछ स्थानों पर नहाने जैसी सुविधा के लिए 500 रुपये तक वसूले जाने की शिकायत भी सामने आई।

मंडलायुक्त दीपक रावत ने डीएम को औचक निरीक्षण कर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर मनमानी वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दुकानों, होटल और होमस्टे में कमरों तथा अन्य सेवाओं की रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। निर्धारित दर से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

टैक्सी बाइक और शिप्रा नदी पर भी सख्ती - 
बैठक में टैक्सी बाइक के अनियंत्रित संचालन का मुद्दा भी उठा। मंडलायुक्त ने आरटीओ और पुलिस को नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर सीज करने के निर्देश दिए। कैंची धाम क्षेत्र में शिप्रा नदी में नहाने और वहां अराजकता फैलाने के मामलों पर भी प्रशासन ने सख्ती के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त ने डीएम को वन विभाग के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

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