उत्तराखंड - 14 विभागों के फर्जी पहचान पत्र लेकर रोडवेज में कर रहा था मुफ्त सफर, परिचालक को शक होने पर खुला फर्जीवाड़ा
रुद्रपुर - रोडवेज बस में परिवहन विभाग का फर्जी पहचान पत्र दिखाकर निशुल्क यात्रा करने का मामला सामने आया है। खटीमा से रुद्रपुर आ रहे एक यात्री ने खुद को उत्तराखंड परिवहन विभाग का कर्मचारी बताया। परिचालक को उसके पहचान पत्र पर संदेह हुआ तो अधिकारियों को सूचना दी गई। जांच में पहचान पत्र फर्जी निकला। तलाशी के दौरान आरोपी के पास उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों के साथ केंद्रीय सैनिक बोर्ड के कुल 14 पहचान पत्र मिले। उसके पास शस्त्र लाइसेंस की प्रति भी बरामद हुई है।
जानकारी के अनुसार, 26 सितंबर को रुद्रपुर डिपो की बस संख्या यूके-06 पीए-1726 खटीमा से रुद्रपुर आ रही थी। बस में परिचालक कौशल कुमार ड्यूटी पर थे। खटीमा से सवार हुए एक यात्री ने खुद को उत्तराखंड परिवहन विभाग का कर्मचारी बताते हुए एक पहचान पत्र दिखाया। पहचान पत्र पर नाम त्रिलोक दत्त पुत्र नारायण दत्त और सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय, ऊधमसिंह नगर का पता अंकित था।
पहचान पत्र संदिग्ध लगने पर परिचालक ने इसकी सूचना डिपो अधिकारियों को दी। इसके बाद रुद्रपुर डिपो के सहायक महाप्रबंधक मधुसूदन मिश्रा ने बगवाड़ा मंडी के पास बस को रुकवाकर यात्री से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान यात्री ने पहले खुद को पिथौरागढ़ आरटीओ कार्यालय में कार्यरत बताया, लेकिन बार-बार उसके बयान बदलते रहे। इससे अधिकारियों का संदेह और गहरा गया।
इसके बाद परिवहन निगम ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, रुद्रपुर कार्यालय से पहचान पत्र का सत्यापन कराया। एआरटीओ कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया कि संबंधित पहचान पत्र परिवहन विभाग द्वारा जारी नहीं किया गया है। साथ ही त्रिलोक दत्त नाम का कोई कर्मचारी विभाग में कार्यरत नहीं होने की पुष्टि की गई। तलाशी के दौरान आरोपी के पास उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों तथा केंद्रीय सैनिक बोर्ड के कुल 14 पहचान पत्र बरामद हुए। इसके अलावा शस्त्र लाइसेंस की एक प्रति भी मिली।
एसएसआई खुशवंत सिंह के अनुसार, परिवहन निगम की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस बरामद सभी पहचान पत्रों की सत्यता और उनके तैयार कराने के स्रोत की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।


