उत्तराखंड - सीएम हेल्पलाइन की छह महीने तक शिकायत दबाए बैठे अफसरों पर गिरेगी गाज, इस डीएम ने मांगी रिपोर्ट

सीएम हेल्पलाइन की 36 से 180 दिन पुरानी शिकायतों पर सख्ती, फोर्स क्लोज से पहले देना होगा प्रमाण पत्र
 
 | 
उत्तराखंड - सीएम हेल्पलाइन की छह महीने तक शिकायत दबाए बैठे अफसरों पर गिरेगी गाज, इस डीएम ने मांगी रिपोर्ट

देहरादून - सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होने के बाद महीनों तक कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों पर अब जवाबदेही तय होगी। 36 से 180 दिन तक लंबित शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबंधित अधिकारियों से दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर शिकायत बंद कर देना मात्र निस्तारण नहीं माना जाएगा। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना जरूरी है।

कलेक्ट्रेट में सीएम हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार लंबित मामलों की जानकारी ली। लंबे समय से लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत पर हुई कार्रवाई की वास्तविक स्थिति रिपोर्ट में दर्ज की जाए।

फोर्स क्लोज की आड़ में नहीं छिपेगी लापरवाही - 
डीएम ने कहा कि किसी शिकायत को फोर्स क्लोज करने से पहले संबंधित विभाग को प्रमाण पत्र देना होगा। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई और शिकायतकर्ता की समस्या किस तरह दूर की गई। बिना ठोस कार्रवाई और उचित आधार के शिकायत बंद करने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। 36 से 180 दिन पुरानी शिकायतों की संबंधित अधिकारी स्वयं समीक्षा करेंगे और इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे। डीएम ने जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश भी दिए।

डेढ़ साल पुरानी घोषणाओं पर भी मांगा हिसाब - 
सीएम हेल्पलाइन के साथ ही बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं की भी समीक्षा की गई। वर्ष 2025 से लंबित घोषणाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि लंबित घोषणाओं के लिए स्पष्ट कार्ययोजना और समयसीमा तय की जाए। जिन मामलों में एक से अधिक विभाग शामिल हैं, उनमें आपसी समन्वय से अड़चन दूर करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने अधिकारियों को चेताया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। निर्धारित समयसीमा में काम आगे नहीं बढ़ने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

WhatsApp Group Join Now