उत्तराखंड - सीएम धामी के विधानसभा क्षेत्र में पहली बार चार अक्टूबर को होगी कैबिनेट बैठक, चुनावी वर्ष में बनबसा और गैरसैंण पर नजर 

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Uttarakhand Cabinet Meeting - उत्तराखंड - सीएम धामी के विधानसभा क्षेत्र में पहली बार चार अक्टूबर को होगी कैबिनेट बैठक, चुनावी वर्ष में बनबसा और गैरसैंण पर नजर

देहरादून -  उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक इस बार राजधानी देहरादून से बाहर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में होगी। 4 अक्टूबर को बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में सुबह 11 बजे मंत्रिमंडल की बैठक प्रस्तावित है। चंपावत जिले में पहली बार कैबिनेट बैठक होने जा रही है, जिसके लिए सचिवालय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बैठक में राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, परिवहन और पर्यटन समेत विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा की जा सकती है। हालांकि बैठक का अंतिम एजेंडा अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है। 


पहले भी देहरादून से बाहर हो चुकी हैं कैबिनेट बैठकें - 
उत्तराखंड में इससे पहले भी अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में देहरादून से बाहर कैबिनेट बैठकें आयोजित होती रही हैं। वर्ष 2010 में तत्कालीन निशंक सरकार ने हरिद्वार में हर की पैड़ी पर कैबिनेट बैठक की थी। वर्ष 2012 में विजय बहुगुणा सरकार के कार्यकाल में गैरसैंण में बैठक हुई थी। इसके अलावा हरीश रावत सरकार के दौरान हरिद्वार, अल्मोड़ा और केदारनाथ में भी कैबिनेट बैठकें आयोजित की गई थीं। बाद के वर्षों में टिहरी और पौड़ी में भी मंत्रिमंडल की बैठकें हुईं। 


26 अक्टूबर से पहले होना है विधानसभा सत्र - 
वहीं, उत्तराखंड विधानसभा के अगले सत्र को लेकर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। सरकार के स्तर पर सत्र गैरसैंण में कराने की तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, सत्र 22 से 24 अक्टूबर के बीच आयोजित किया जा सकता है। हालांकि इन तारीखों पर अभी अंतिम आधिकारिक निर्णय होना बाकी है।  सरकार को विधानसभा सत्र 26 अक्टूबर से पहले आयोजित करना है। सत्र की तारीख और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। ऐसे में अब अंतिम निर्णय का इंतजार है।

चुनावी वर्ष में बनबसा और गैरसैंण पर नजर- 
बनबसा में मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में पहली बार कैबिनेट बैठक और गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र ऐसे समय हो रहे हैं, जब राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी चल रही हैं। इन दोनों कार्यक्रमों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर विशेष नजर बनी हुई है। हालांकि गैरसैंण सत्र की तारीख को लेकर अंतिम घोषणा अभी बाकी है।

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