लालकुआं - बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग तेज, इस दिन विशाल जनसभा और रैली, 32 गांवों में होगा रात्रि पड़ाव
लालकुआं - बिंदुखत्ता को वनाधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुरूप राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी है। इस क्रम में आगामी 20 सितंबर 2026 को विशाल जनसभा एवं रैली आयोजित की जाएगी। रैली की तैयारियों को लेकर विभिन्न सामाजिक, पूर्व सैनिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक हुई।
बैठक में जनसभा और रैली की तैयारियों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। तय किया गया कि 15 अगस्त से शहीद स्मारक स्थल, कार रोड से घर-घर जनजागरूकता पदयात्रा शुरू की जाएगी। पदयात्रा के माध्यम से बिंदुखत्ता के प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर वनाधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों और राजस्व ग्राम बनाए जाने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। साथ ही ग्रामीणों को 20 सितंबर की जनसभा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
32 गांवों में होगा रात्रि पड़ाव -
बैठक में निर्णय लिया गया कि जनजागरूकता पदयात्रा बिंदुखत्ता के सभी 32 ग्रामों से होकर गुजरेगी। पदयात्रा के दौरान प्रत्येक गांव में रात्रि पड़ाव किया जाएगा। सार्वजनिक स्थल या मंदिर परिसर में शाम को कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में शाम आठ बजे से भजन-कीर्तन, नुक्कड़ नाटक और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को वनाधिकार कानून और राजस्व ग्राम से जुड़े अधिकारों की जानकारी दी जाएगी।
जनसंगठनों से व्यापक भागीदारी का आह्वान -
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग केवल भूमि संबंधी विषय नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के हजारों परिवारों के लोकतांत्रिक, संवैधानिक और स्थानीय स्वशासन के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए आंदोलन को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, कैप्टन नरेंद्र सिंह पनेरी, कैप्टन प्रताप सिंह बिष्ट, भरत नेगी, रणजीत सिंह गढ़िया, सूबेदार मेजर हीरा सिंह बिष्ट, बलवंत बिष्ट सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक में सभी सामाजिक एवं जनसंगठनों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई। संगठनों ने 15 अगस्त से शुरू होने वाली घर-घर जनजागरूकता पदयात्रा और 20 सितंबर की विशाल जनसभा एवं रैली को सफल बनाने के लिए सहयोग का आह्वान किया।
