उत्तराखंड - नेपाल से फरार चार खूंखार कैदियों को SSB ने किया गिरफ्तार, Gen Z आंदोलन के दौरान जेल से भागे थे अपराधी
उत्तराखंड - भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 55वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल से फरार चार खतरनाक कैदियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ करते हुए गिरफ्तार कर लिया। ये सभी कैदी हाल ही में नेपाल में हुए Gen Z आंदोलन के दौरान जेल से भाग निकले थे और भारत में प्रवेश कर अन्य स्थानों की ओर भागने की योजना बना रहे थे।
रबर ट्यूब से काली नदी पार कर रहे थे घुसपैठिए -
एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, चारों नेपाली नागरिक काली नदी को रबर ट्यूब की मदद से पार कर झूलाघाट क्षेत्र से करीब 38 किलोमीटर दूर स्थित देवताल मंदिर के पास से भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। गश्त कर रही एसएसबी की पेट्रोलिंग टीम ने इनकी संदिग्ध गतिविधियों को भांपते हुए तुरंत कार्रवाई कर उन्हें धर दबोचा।
Nepal की जेलों से Gen Z आंदोलन की अफरा-तफरी में भागे थे -
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि चारों कैदी नेपाल के अलग-अलग जेलों से फरार हुए हैं। नेपाल में चल रहे Gen Z आंदोलन के दौरान उत्पन्न अव्यवस्था का फायदा उठाकर उन्होंने जेल से भागने की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।
गिरफ्तार कैदियों की पहचान -
धर्मेंद्र चंद्र, उम्र 26 वर्ष, निवासी – पञ्चेश्वर गांव पालिका, वार्ड नं. 4, जिला बैतड़ी, नेपाल
तर्कराम लुहार, उम्र 22 वर्ष, निवासी – द. नगर पालिका, वार्ड नं. 1, जिला बैतड़ी, नेपाल
सूरज साउद, उम्र 24 वर्ष, निवासी – बेलडाडी नगर पालिका, वार्ड नं. 2, जिला कंचनपुर, नेपाल
आशिक पहरी, उम्र 31 वर्ष, निवासी – पाटन नगर पालिका, वार्ड नं. 6, जिला बैतड़ी, नेपाल
गंभीर आपराधिक मामलों में हैं दोषी -
इनमें से तीन कैदी बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जा चुके हैं, जबकि एक कैदी हत्या के गंभीर अपराध में संलिप्त पाया गया है। नेपाल की अदालतों ने सभी को कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आया कि ये सभी अपराधी भारत के भीतर घुसकर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में थे और संभवतः आगे किसी बड़ी आपराधिक योजना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे।
भारत-नेपाल सहयोग से हुई पहचान की पुष्टि -
एसएसबी ने तत्परता से नेपाल पुलिस को सूचित किया और साझा अपराधियों की सूची से उनकी पहचान का मिलान किया गया। नेपाल पुलिस द्वारा पुष्टि के बाद इन चारों की पहचान सुनिश्चित की गई।
नेपाल को सौंपी जाएगी हिरासत -
फिलहाल चारों कैदी सशस्त्र सीमा बल की हिरासत में हैं और स्थानीय पुलिस की निगरानी में इनसे गहन पूछताछ जारी है। नेपाल सरकार को घटना की सूचना दे दी गई है और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इन्हें नेपाल पुलिस को सौंप दिया जाएगा।
एसएसबी की 55वीं वाहिनी के कमांडेंट आशीष कुमार ने कहा, “वर्तमान में पकड़े गए चारों कैदी सशस्त्र सीमा बल की हिरासत में हैं। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में पूछताछ के साथ अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं। नेपाल सरकार को सूचित किया जा चुका है और सभी कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें नेपाल को सौंपा जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की सख्त जांच की जा रही है।


