अल्मोड़ा - रानीखेत में ‘फल वन’ पहल के तहत 150 पौधों का रोपण, बेडू, किलमोड़ा और हिसालू के स्थानीय पौधों को बढ़ावा 

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अल्मोड़ा - रानीखेत में ‘फल वन’ पहल के तहत 150 पौधों का रोपण, बेडू, किलमोड़ा और हिसालू के स्थानीय पौधों को बढ़ावा 

रानीखेत - हिमालयन इम्पैक्ट ट्रस्ट की ‘फल वन’ पहल के तहत 9 सितंबर को चिलियानौला स्थित हरेला वन क्षेत्र में 150 पौधों का रोपण किया गया। इनमें 100 फलदार पौधे शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य जंगल में पक्षियों और वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही क्षेत्र में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में योगदान देना है।

इस बार नियमित अमरूद के साथ स्थानीय जंगली फल प्रजातियों बेडू, किलमोड़ा और हिसालू के पौधे भी लगाए गए। संस्था के अनुसार, इन स्थानीय प्रजातियों के फल जंगल में रहने वाले पक्षियों और वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक आहार का स्रोत बनेंगे। इससे वन्यजीवों के भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने की प्रवृत्ति को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

रानीखेत क्षेत्र में बंदरों के बढ़ते हमलों और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संस्था के अनुसार, इस समस्या के चलते पूर्व में लोगों की जान भी जा चुकी है। अगले सीजन में ‘फल वन’ के तहत घिंघारू जैसी अन्य स्थानीय फल प्रजातियों को भी शामिल किया जाएगा।

पहल को निरंतर जारी रखने के लिए अगले वर्ष के पौधों की नर्सरी तैयार करने के लिए ऑर्डर दिए जा रहे हैं। हिमालयन इम्पैक्ट ट्रस्ट ने अभियान को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए व्यक्तिगत और संस्थागत साझेदारों से सहयोग की अपील की है। पौधरोपण अभियान में वन विभाग, सुल्त स्थित श्री श्याम की नर्सरी और बीरशिवा स्कूल, रानीखेत का विशेष सहयोग रहा। संस्था ने सहयोगी साझेदार Say Earth NGO और भगवत पंत के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

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