नैनीताल- नंदाष्टमी पर नंदा-सुनंदा की प्राण प्रतिष्ठा, भक्ति के रंग में रंगी सरोवर नगरी, इस दिन तक कर सकेंगे दर्शन
नैनीताल - (संजय नागपाल) सरोवर नगरी नैनीताल में नंदाष्टमी के पावन अवसर पर शनिवार को ब्रह्ममुहूर्त में मां नंदा-सुनंदा की ईको फ्रेंडली मूर्तियों की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। मां नयना देवी मंदिर परिसर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार पंडित भगवती प्रसाद जोशी ने पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां नंदा-सुनंदा की पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए कपाट खोल दिए गए।
मां नंदा-सुनंदा के मुखौटों को केले के पेड़, हरे बांस और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों से पर्यावरण अनुकूल तरीके से तैयार किया गया है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। नंदाष्टमी के अवसर पर पूरी सरोवर नगरी भक्ति के रंग में रंगी नजर आई।
नंदाष्टमी महोत्सव के तहत फ्लैट्स मैदान में एक सप्ताह तक चलने वाला भव्य मेला भी आयोजित किया गया है। मेले में स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को नंदाष्टमी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए मां नंदा-सुनंदा से प्रदेश में सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं और मां से सभी के कष्ट दूर करने की कामना की। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने भी श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों को नंदाष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
23 सितंबर को मां नंदा-सुनंदा के डोले को नगर भ्रमण कराया जाएगा। इसके बाद देर शाम ईको फ्रेंडली मूर्तियों का नैनी झील में विधिवत विसर्जन किया जाएगा। इसके साथ ही नंदा देवी महोत्सव का समापन होगा।


