नैनीताल - हाईकोर्ट को गुमराह करने के आरोप में मुस्लिम दंपती को दो साल सश्रम कारावास, भाई ने खोली बहन की पोल
नैनीताल - एसीजेएम कोर्ट ने शाहीन और शाहरूख को कोर्ट में झूठा शपथपत्र पेश करने के मामले में दोषी ठहराते हुए दो-दो साल सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।सहायक अभियोजन अधिकारी सुमित कन्याल ने बताया कि यह मामला 2020 का है। शाहीन (पत्नी शाहरूख) ने हाई कोर्ट में सुरक्षा की याचिका दायर की थी, जिसमें उसने दावा किया था कि उसे अपने भाईयों से जान का खतरा है। याचिका के समर्थन में दोनों ने शपथपत्र पेश किया था, जिसमें कहा गया कि यह उनका पहला विवाह है।
हालांकि, कोर्ट की जांच में सामने आया कि शाहीन की पहली शादी 17 मार्च 2019 को मोहम्मद साजिद से हुई थी, और उसके बाद यह विवाह विच्छेद हुआ था। याचिका में इस विवाह विच्छेद का कोई विवरण नहीं दिया गया था। कोर्ट ने पाया कि इसके बावजूद शाहीन और शाहरूख ने जानबूझकर हाई कोर्ट को गुमराह करने के लिए झूठा शपथपत्र पेश किया।
शाहीन के भाई जैद ने अदालत में बयान दिया कि शाहीन ने चुपचाप शाहरूख से दूसरा निकाह किया और अक्टूबर 2020 में सुरक्षा याचिका दाखिल की। जैद ने यह भी बताया कि पहली शादी का तलाक नहीं हुआ था, इसलिए दूसरा निकाह जायज नहीं है।
कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध माना और धारा 193 के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों को सजा सुनाई। यह मामला हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार न्यायिक महेश उपाध्याय की ओर से सीजेएम कोर्ट नैनीताल में परिवाद दर्ज कराने के बाद एसीजेएम कोर्ट में ट्रांसफर हुआ था।
