हल्द्वानी - नैनीताल जिले में 37 हजार से ज्यादा राशन कार्डों की चल रही है जांच, ऐसे लोगों के नाम काटने का अभियान तेज
हल्द्वानी - जिले में राशन कार्डों की बड़े पैमाने पर जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। कुल 2.46 लाख राशन कार्डों में से 37,080 कार्ड संदेह के दायरे में आए हैं। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने इन संदिग्ध राशन कार्डों की सूची जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को भेजी है, जिसके बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों द्वारा सत्यापन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सत्यापन में अपात्र पाए जाने वाले लोगों के राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
नैनीताल जिले में फिलहाल 1.15 लाख सफेद, 1.13 लाख पीले और 17 हजार से अधिक गुलाबी राशन कार्ड हैं। इनमें से 37 हजार से ज्यादा कार्डों की जांच जारी है। सत्यापन के दायरे में आयकर देने वाले, परिवार के किसी सदस्य के नाम पर जीएसटी पंजीकरण करवाने वाले, चौपहिया वाहन स्वामी, दूसरे राज्यों में स्थानांतरित होने वाले तथा डुप्लीकेट राशन कार्ड धारक शामिल हैं।
जांच कार्य में राशन डीलरों और ग्राम प्रधानों की मदद ली जा रही है। विभाग के अनुसार अगस्त माह में भी ई-केवाईसी न कराए जाने पर 997 राशन कार्ड निरस्त किए गए थे, जिन्हें सॉफ्टवेयर से स्वतः डिलीट कर दिया गया था।
जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन ने बताया कि सरकार से प्राप्त सूची के अनुसार सत्यापन कराया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद नियमों के विपरीत पाए जाने वाले सभी अपात्र कार्डधारकों के कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे।
