हल्द्वानी - रामलीला मैदान शुद्धिकरण मामले में अधिवक्ता अंजू की तहरीर पर पहली FIR हुई दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
हल्द्वानी - रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धिकरण प्रकरण को लेकर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिवक्ता अंजू की ओर से 15 अगस्त को दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि की है। जिसकी जाँच एसपी क्राइम जगदीश च्नद्र करेंगे।
तहरीर के अनुसार, आठ अगस्त को रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का कार्यक्रम आयोजित हुआ था। इसके बाद 10 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा मैदान का कथित रूप से शुद्धीकरण किए जाने का आरोप लगाया गया। इस कार्यक्रम के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शुद्धीकरण की घटना से अनुसूचित जाति के व्यक्ति के प्रति जातिगत भेदभाव और अपमान की भावना उत्पन्न करने का प्रयास किया गया। इसके अलावा सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित भ्रामक और संभावित रूप से संपादित वीडियो के जरिए धार्मिक वैमनस्य फैलाने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस शुद्धीकरण कार्यक्रम में शामिल लोगों की पहचान करने के साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने वालों का भी पता लगा रही है। जांच के दौरान वीडियो के मूल स्रोत और उसमें किसी प्रकार की काट-छांट किए जाने की भी पड़ताल की जाएगी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद इस मामले में कांग्रेस और शिकायतकर्ता अधिवक्ता की ओर से की गई कार्रवाई की मांग पर पुलिस ने कदम उठाया है। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


