उत्तराखंड - हाईकमान के दर पर पहुंचे हरीश रावत, नौ धन्यवाद यात्राएं की स्थगित, जानिए पार्टी से क्या चाहते हैं हरदा 

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उत्तराखंड - हाईकमान के दर पर पहुंचे हरीश रावत, नौ धन्यवाद यात्राएं की स्थगित, जानिए पार्टी से क्या चाहते हैं हरदा 

देहरादून - व्यक्तिगत स्तर पर ‘धन्यवाद और जनसंवाद यात्रा’ निकालने को लेकर कांग्रेस हाईकमान के सख्त रुख के बीच वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बुधवार देर शाम दिल्ली पहुंचे। वह पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए दिल्ली गए हैं। कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा के बाहर होने के कारण बुधवार को उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। अब रावत की गुरुवार को सैलजा के साथ ही कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल से मुलाकात प्रस्तावित है।

इस बीच हरीश रावत ने अपनी प्रस्तावित नौ ‘धन्यवाद यात्राओं’ को स्थगित करने की घोषणा की है। इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर उन्होंने कहा कि इन यात्राओं के आयोजन की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं और आयोजकों को दी जा चुकी थी। यात्राएं स्थगित होने से उन्हें होने वाली परेशानी के लिए रावत ने कार्यकर्ताओं से क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि पार्टी भी उनकी यात्रा की तर्ज पर जनसंवाद का कोई कार्यक्रम बनाए और वह उसमें शामिल हों। फिलहाल वह पार्टी के अगले कदम की प्रतीक्षा करेंगे।

सोमवार को जसपुर से हल्द्वानी तक निकाली थी यात्रा - 
कांग्रेस हाईकमान की ओर से व्यक्तिगत तौर पर यात्रा नहीं निकालने के निर्देश के बावजूद रावत ने सोमवार को जसपुर से हल्द्वानी तक ‘धन्यवाद और जनसंवाद यात्रा’ निकाली थी। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने उन्हें दिल्ली बुलाया। बुधवार को दिल्ली रवाना होने से पहले रावत ने इंटरनेट मीडिया पर अपनी राजनीतिक यात्रा का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि 14 अक्टूबर को कांग्रेस की विधिवत सदस्यता ग्रहण किए उन्हें 58 वर्ष पूरे हो जाएंगे। रावत के अनुसार, इससे दो वर्ष पहले से ही वह युवक कांग्रेस के कार्यक्रमों में भाग लेने लगे थे। उन्होंने कहा कि इन वर्षों के दौरान उनसे कई गलतियां भी हुई होंगी, लेकिन पार्टी ने कभी उनसे जवाब-तलब नहीं किया।

रावत ने अपने पोस्ट में कहा कि कई बार पार्टी ने केवल यह पूछा कि आखिर बात क्या हुई। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी राजनीतिक गतिविधियों का जो भी कारण बताया, पार्टी ने उसे एक कार्यकर्ता के कथन के रूप में स्वीकार किया। अब दिल्ली में होने वाली मुलाकातों के बाद इस मामले में पार्टी नेतृत्व के रुख पर नजर रहेगी।

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