हल्द्वानी - स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर होगा अनिश्चितकालीन अनशन, पूर्व IAS अधिकारी रतूड़ी ने भरी हुंकार

 | 
हल्द्वानी - स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर होगा अनिश्चितकालीन अनशन, पूर्व IAS अधिकारी रतूड़ी ने भरी हुंकार

हल्द्वानी - उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। पूर्व आईएएस एवं उत्तराखंड सरकार के पूर्व सचिव विनोद प्रसाद रतूड़ी के मार्गदर्शन में चल रहे स्थायी राजधानी गैरसैंण आंदोलन के तहत 18 अक्टूबर 2026 से हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के सपनों और पहाड़ के भविष्य से जुड़ा विषय है।

जंतर-मंतर से शुरू हुआ संघर्ष अब हल्द्वानी पहुंचेगा - 
स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने सितंबर 2025 में दिल्ली के जंतर-मंतर से इस मांग को लेकर अपना संघर्ष शुरू किया था। आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार, इस दौरान देहरादून में 106 दिनों तक क्रमिक अनशन किया गया। इसके बाद देहरादून से गैरसैंण तक पदयात्रा निकालकर पहाड़ की राजधानी पहाड़ में स्थापित करने की मांग उठाई गई। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का विरोध करना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाने की मांग को आगे बढ़ाना है।

शहीदों के सपनों और पहाड़ के भविष्य का सवाल -
पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी ने इस आंदोलन के माध्यम से राज्य की स्थायी राजधानी के सवाल को फिर चर्चा के केंद्र में लाने का आह्वान किया है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उत्तराखंड राज्य गठन के पीछे पहाड़ी क्षेत्रों का विकास, स्थानीय युवाओं को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा पलायन रोकना प्रमुख अपेक्षाएं थीं। उनका मानना है कि राजधानी गैरसैंण में स्थापित होने से पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं को शासन की प्राथमिकताओं में अधिक स्थान मिल सकता है। हालांकि, राजधानी बदलने मात्र से सभी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित नहीं होगा; इसके लिए प्रभावी नीतियों और विकास योजनाओं की भी आवश्यकता होगी।


पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग केवल किसी एक संगठन या क्षेत्र की मांग नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने जिस उत्तराखंड की कल्पना की थी, उसमें पहाड़ के गांव आबाद हों, युवाओं को अपने क्षेत्र में रोजगार मिले और लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए पलायन न करना पड़े।

आंदोलन से जुड़े राज्य आंदोलनकारी नंदप्रयाग से पहुंचे गोपाल दत्त कुमेड़ी, रूदप्रयाग से पहुंचे विजय भारत कंडारी तथा मासी चखुटिया से पहुंचे आनंद राम ने राज्य वासियो से अपील की है कि वे स्थायी राजधानी के सवाल पर सबको एकजुट होना हगा उनका कहना है कि यह मुद्दा  प्रदेश के भविष्य से जुड़ा है रिवर्स पलायन स्थाई राजधानी बनने से ही होगा इस दौरान पहाड़ी आर्मी की जिला अध्यक्ष फौजी राजेंद्र कांडपाल फौजी आनंद कन्याल, प्रेमा मेर अंजू पांडे,देवेंद्र सालाकोटी आदि लोग मौजूद रहे. 

WhatsApp Group Join Now