हल्द्वानी - होली के बाद रिंग रोड प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार, इस दिन खुलेंगे टेंडर, जाम से मुक्त हो सकेगी हल्द्वानी
हल्द्वानी - नौ साल से लंबित रिंग रोड प्रोजेक्ट को लेकर होली के बाद फिर से कवायद शुरू होने जा रही है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने सड़क की डिजाइन और डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया आमंत्रित कर दी है। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 16 मार्च निर्धारित की गई है, जबकि 17 मार्च को टेंडर खोले जाएंगे। शासन पहले ही इस कार्य के लिए 26.35 लाख रुपये जारी कर चुका है।
आबादी क्षेत्र से हटाकर जंगल की ओर मोड़ा गया प्रोजेक्ट -
लामाचौड़ से गन्ना सेंटर को जोड़ने के लिए प्रस्तावित रिंग रोड को पहले आबादी क्षेत्र से निकाला जाना था। लेकिन सितंबर 2024 में स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वे किसी भी कीमत पर अपनी पुस्तैनी जमीन नहीं देंगे।
राजस्व अभिलेखों के आधार पर किए गए आकलन में सामने आया कि परियोजना के लिए करीब 19 हेक्टेयर निजी भूमि के साथ 105 भवनों का अधिग्रहण करना पड़ता। इसका मुआवजा लगभग 700 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता था। बढ़ते विरोध और भारी मुआवजे की संभावना को देखते हुए विभाग ने परियोजना का रूट बदलने का निर्णय लिया।
अब जंगल सीमा के भीतर से निकलेगी सड़क -
नए प्रस्ताव के तहत रिंग रोड को भाखड़ पुल से फायर लाइन के किनारे-किनारे जंगल क्षेत्र के भीतर से निकालते हुए रामपुर रोड पर बेलबाबा के पास जोड़ा जाएगा। लगभग 18 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए करीब 56 हेक्टेयर वनभूमि के हस्तांतरण और पेड़ों के कटान की आवश्यकता पड़ेगी। हालांकि अंतिम रिपोर्ट तैयार होने के बाद वनभूमि के दायरे और पेड़ों की संख्या में बदलाव संभव है।
डीपीआर तैयार करेगी निजी कंपनी -
शासन के निर्देश पर अब निजी कंपनी से डिजाइन और डीपीआर तैयार कराई जाएगी। इसके लिए फरवरी में बजट जारी किया जा चुका है। अधिशासी अभियंता प्रत्यूष कुमार ने बताया कि 17 मार्च को टेंडर खोलने के बाद चयनित कंपनी को कार्य सौंप दिया जाएगा। रिंग रोड परियोजना के पूरा होने से शहर में जाम की समस्या से राहत मिलने और यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
