हल्द्वानी - फैजान ने फर्जी प्रमाणपत्रों से डेढ़ दशक के भीतर कइयों को हल्द्वानी में बसाया, पुलिस को कई अहम सुराग मिले
हल्द्वानी - वनभूलपुरा में फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनाने के मामले में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी फैजान मिरकानी ने खुद को अरायजनवीस बता डेढ़ दशक के भीतर बाहरी राज्यों के कई लोगों को हल्द्वानी में बसाया। मनचाहे दाम लेकर लोगों के स्थाई निवासी प्रमाणपत्र बनाए।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि उत्तराखंड के अलावा कई बाहरी राज्यों का इस गिरोह से संपर्क है। फर्जी "दस्तावेजों की मदद से लोगों की इस शहर में बसावट की गई है। इस घपले में सिस्टम के अंदर और बाहर दोनों तरफ के लोग जुड़े हैं। उनका शीघ्र पर्दाफाश होगा। फैजान के साथ जेल गए रईस और यूपीसीएल के डेटा एंट्री ऑफिसर दिनेश के करीबियों से पूछताछ की गई।
दिनेश के पास था 50 साल का रिकॉर्ड -
एसएसपी के मुताबिक फर्जीवाड़े में शामिल दिनेश के पास बिजली बिलों का पिछले 50 साल का रिकॉर्ड रहता था। उसने यूपी और उत्तराखंड के बाहरी लोगों के हल्द्वानी में स्थाई निवासी प्रमाण पत्र बनाने के लिए बिल उपलब्ध कराए।
एसएसपी ने कहा कि यह फर्जीवाड़ा बिना सिस्टम के अंदर के लोगों की मिलीभगत के संभव नहीं है। कुमाऊं के कई अन्य लोगों को भी स्थानीय स्थाई निवासी प्रमाण पत्र बांटे जाने की सूचनाएं हैं। सूत्रों के मुताबिक जो तीन आरोपी जेल भेजे हैं। उनके फर्जीवाड़े का आंकलन कर उनसे रिकवरी की जा सकती है।
