हल्द्वानी - बनभूलपुरा कांड, मुख्य आरोपी जावेद और अरशद ने किया सरेंडर, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए
हल्द्वानी - बनभूलपुरा कांड के मुख्य आरोपी जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब ने मंगलवार को एडीजे प्रथम की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा नैनीताल हाईकोर्ट की ओर से दी गई डिफॉल्ट जमानत रद्द किए जाने के बाद हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मई के प्रथम सप्ताह में सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया था।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने उत्तराखंड सरकार की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया था। राज्य सरकार ने जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब को मिली डिफॉल्ट जमानत को चुनौती दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। मंगलवार को दोनों आरोपियों के अदालत में पेश होने पर अभियोजन पक्ष ने भी अपनी दलीलें रखीं, जिसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
आठ फरवरी 2024 को भड़का था बनभूलपुरा हिंसा कांड -
आठ फरवरी 2024 को बनभूलपुरा क्षेत्र में हुए दंगे के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव, फायरिंग और पेट्रोल बम से हमला किया था। कई पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। वहीं महिला पुलिस कर्मियों को थाने के भीतर बंद कर आग लगाने की कोशिश का भी आरोप है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे।
मास्टर माइंड अब्दुल मलिक को पहले मिल चुकी है जमानत -
इससे पहले बनभूलपुरा कांड के कथित मास्टर माइंड अब्दुल मलिक को 16 अप्रैल को जमानत मिल चुकी है। वह करीब 782 दिन जेल में रहने के बाद रिहा हुआ था। अब्दुल मलिक को 24 फरवरी 2024 को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था।
