देहरादून - सिक्किम के राज्यपाल बने दुष्यंत गौतम, कांग्रेस ने गांधी पार्क में एक घंटे का मौन उपवास रखा
 

अंकिता भंडारी प्रकरण में सीबीआई जांच की मांग, नियुक्ति को लेकर भाजपा सरकार पर उठाए सवाल
 
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देहरादून - सिक्किम के राज्यपाल बने दुष्यंत गौतम, कांग्रेस ने गांधी पार्क में एक घंटे का मौन उपवास रखा

देहरादून - उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। कांग्रेस ने इस नियुक्ति के विरोध में देहरादून के राजपुर रोड स्थित गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एक घंटे का मौन उपवास रखा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मामले में अंकिता के माता-पिता की ओर से कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी ने मांग की कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले की सीबीआई जांच की मांग पूरी किए बिना दुष्यंत गौतम को संवैधानिक पद पर नियुक्त करना उचित नहीं है।

कांग्रेस ने इस फैसले को महिला विरोधी बताते हुए भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि अंकिता भंडारी प्रकरण में उठ रहे सवालों का निष्पक्ष जांच के माध्यम से जवाब दिया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क में मौन उपवास रखकर विरोध दर्ज कराया।

वोट के अधिकार को लेकर विभिन्न संगठनों का विरोध मार्च -

वहीं, मताधिकार और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने भी देहरादून में विरोध प्रदर्शन किया। सिटीजन फोरम, उत्तराखंड इंसानियत मंच, उत्तराखंड महिला मंच, कम्युनिस्ट पार्टी और क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग गांधी पार्क में एकत्र हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सचिवालय स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

सचिवालय से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक - 

प्रदर्शन के दौरान सड़क पर धरने पर बैठे विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को हटाने के प्रयास पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके चलते मौके पर कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।प्रदर्शन में शामिल सोशल एक्टिविस्ट स्वाति नेगी ने आरोप लगाया कि सरकार नागरिकों के मताधिकार को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने वोट के अधिकार की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित होने का भरोसा मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि मतदाताओं को यह जानने का अधिकार मिले कि उनके वोट की गणना किस तरह हुई, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका न रहे।

देहरादून में एक ओर कांग्रेस ने अंकिता भंडारी प्रकरण और दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को लेकर विरोध दर्ज कराया, वहीं दूसरी ओर विभिन्न संगठनों ने मताधिकार और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। दोनों घटनाओं के बीच प्रदेश में राजनीतिक और नागरिक मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शनों का माहौल देखने को मिला।

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