लालकुआं - भारी बारिश के बीच उमड़ा जनसैलाब, राजस्व गांव की मांग पर प्रदर्शन, तहसील कूच कर मुख्यमंत्री को भेजेंगे ज्ञापन
 

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लालकुआं - भारी बारिश के बीच उमड़ा जनसैलाब, राजस्व गांव की मांग पर प्रदर्शन, तहसील कूच कर मुख्यमंत्री को भेजेंगे ज्ञापन

लालकुआं - बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर रविवार को ग्रामीणों का आंदोलन जोर पकड़ गया। लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद बिंदुखत्ता के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शहीद स्मारक के समीप आयोजित धरना-प्रदर्शन में पहुंचे। ग्रामीणों के पहुंचने का सिलसिला सुबह से ही जारी रहा और देखते ही देखते आंदोलन स्थल पर भीड़ बढ़ती गई। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक रैली के लिए हजारों ग्रामीणों के पहुंचने की बात सामने आई है।

वन अधिकार संगठन के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीण ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, अन्य वाहनों और पैदल पहुंचते रहे। कई स्थानों से ग्रामीण समूहों में नारेबाजी करते हुए आंदोलन स्थल तक पहुंचे। बारिश के बीच भी ग्रामीणों में अपनी मांग को लेकर उत्साह दिखाई दिया। आंदोलन को आयोजकों की ओर से गैर-राजनीतिक बताया गया है। इसमें क्षेत्र की मातृशक्ति, युवा, बुजुर्ग और पूर्व सैनिक भी भागीदारी कर रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों से समूहों में ग्रामीणों के पहुंचने के कारण शहीद स्मारक और आसपास के क्षेत्र में भीड़ लगातार बढ़ती रही।

तहसील तक निकलेगा जुलूस - 
आयोजकों के अनुसार, आंदोलन के अगले चरण में शहीद स्मारक से लालकुआं तहसील तक जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग रखी जाएगी। 27 सितंबर को रैली और धरना-प्रदर्शन की तैयारी पहले से की जा रही थी। ग्रामीण लंबे समय से बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि राजस्व गांव का दर्जा नहीं होने के कारण क्षेत्र को पंचायत स्तर के अधिकारों और विभिन्न सरकारी व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

बारिश के बावजूद जारी रहा जुटने का सिलसिला - 
समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों के आंदोलन स्थल पर पहुंचने का क्रम जारी था। आयोजकों ने आने वाले समय में भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई। बारिश के बावजूद ग्रामीणों की मौजूदगी लगातार बढ़ती रही।

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