उत्तराखंड - दुनियां छोड़ चला गया शूटिंग का बादशाह, 49 साल में जसपाल राणा ने ली अंतिम सांस, PM ने जताया दु:ख 

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उत्तराखंड - दुनियां छोड़ चला गया शूटिंग का बादशाह, 49 साल में जसपाल राणा ने ली अंतिम सांस, प्रदेश में शोक की लहर

उत्तराखंड - भारतीय निशानेबाजी जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। देश के दिग्गज पिस्टल निशानेबाज और हाई-परफॉर्मेंस कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने उनके निधन की पुष्टि की है। उनके अचानक चले जाने से पूरे प्रदेश और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, सीने में बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी स्टेंट सर्जरी की गई थी। वे रिकवर कर रहे थे, लेकिन गुरुवार रात अचानक उन्हें दोबारा अटैक आया और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। हाल ही में म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय भी वे असहज महसूस कर रहे थे।

 

पीएम मोदी ने भी जताया दुख - 


टिहरी जिले के चिलामू गांव निवासी जसपाल राणा भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्यरत थे। महज 18 वर्ष की आयु में विश्व रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने पूरी दुनिया को चौंका दिया था। 2006 दोहा एशियन गेम्स में उनके तीन स्वर्ण पदक और विश्व रिकॉर्ड आज भी भारतीय खेल इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हैं। राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में उन्होंने भारत का परचम हमेशा बुलंद रखा।

जसपाल राणा को वर्ष 2002 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। वे उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से संबंध रखते थे। उनके पिता नारायण सिंह राणा ने उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण दिलाया। मात्र 12 वर्ष की उम्र में अहमदाबाद में आयोजित 31वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीतकर सभी को चौंका दिया था।

वर्ष 1994 में 46वीं विश्व शूटिंग चैम्पियनशिप (जूनियर सेक्शन) में स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतना उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने 600 से अधिक पदक अपने नाम किए। शूटिंग के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

खेल के साथ-साथ उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर टिहरी गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा, हालांकि वे चुनाव हार गए। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान वे कांग्रेस के स्टार प्रचारक भी रहे। जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी उपलब्धियां और योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

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