देहरादून - ग्राफिक एरा में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू, खाद्य प्रसंस्करण में एआई से घटेगी बर्बादी, किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद
देहरादून - खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा बेहतर बनाने के साथ खाद्य अपशिष्ट को कम करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीक अहम भूमिका निभा सकती हैं। इन तकनीकों से किसानों की आय बढ़ाने और खाद्य संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इन विषयों पर चर्चा के लिए ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई।
‘खाद्य तकनीक, सुरक्षा और पोषण में आधुनिक तकनीक एवं नवाचार’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मैसूर के निदेशक डॉ. गिरिधर पर्वतम ने कहा कि आधुनिक तकनीकों और एआई की मदद से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुधारने और उनकी बर्बादी रोकने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि खेतों से लेकर बाजार तक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। साथ ही, नई तकनीकों का लाभ किसानों तक पहुंचाया जाना चाहिए, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
एसोसिएशन ऑफ फूड साइंटिस्ट्स एंड टेक्नोलॉजिस्ट्स (इंडिया) के अध्यक्ष डॉ. परमजीत एस. पानेसर ने खाद्य उद्योग से निकलने वाले अपशिष्ट के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खाद्य अपशिष्ट को मूल्यवान जैव उत्पादों में बदलकर बर्बादी कम की जा सकती है। इससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, पोषण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ पारंपरिक खाद्य प्रणालियों को भी प्रोत्साहित करना जरूरी है।
माइक्रोप्लास्टिक और प्लांट प्रोटीन पर भी होगी चर्चा -
दो दिवसीय संगोष्ठी में खाद्य सुरक्षा, पोषण, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, पैकेटबंद खाद्य सामग्री में माइक्रोप्लास्टिक के प्रभाव और खाद्य अपशिष्ट से मूल्यवान उत्पाद तैयार करने जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा पौधों से प्रोटीन के नए विकल्प विकसित करने पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।
संगोष्ठी में चीन, दक्षिण कोरिया और रूस समेत छह देशों तथा सात राज्यों के वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस दौरान विशेषज्ञ अपने शोध पत्र प्रस्तुत करने के साथ खाद्य उद्योग से जुड़ी चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान साझा करेंगे। दक्षिण कोरिया की सियोल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. ह्यूनूक किम भी संगोष्ठी में शामिल हो रहे हैं।
कई संस्थानों के सहयोग से आयोजन -
संगोष्ठी का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी और डिपार्टमेंट ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट ने एसोसिएशन ऑफ फूड साइंटिस्ट्स एंड टेक्नोलॉजिस्ट्स (इंडिया), अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के सहयोग से किया है।
कार्यक्रम में प्रो-वाइस चांसलर डॉ. संतोष एस. सराफ, कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार शर्मा, फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार, हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष डॉ. अमर डबराल सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


