Hanuman Ansh : कैंची धाम में अनुप्रिया नागर को मिला वर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान, ‘हनुमान अंश पार्ट-2’ का भी ऐलान, इन जगहों पर होगी शूटिंग
भवाली/कैंची धाम - भारतीय सिनेमा और उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण अवसर पर 21 वर्षीय फिल्म निर्मात्री अनुप्रिया नागर को ‘भारत की सबसे कम उम्र की फिल्म प्रोड्यूसर’ के अंतरराष्ट्रीय वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया। कैंची धाम के समीप आयोजित विशेष समारोह में लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट कार्तिक पालिवाल ने अनुप्रिया नागर को वर्ल्ड रिकॉर्ड का आधिकारिक प्रमाणपत्र सौंपा। यह सम्मान उनकी फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद दिया गया है। आयोजकों के अनुसार फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ₹200 करोड़ के क्लब में प्रवेश किया है। समारोह में कम उम्र में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में यह उपलब्धि हासिल करने के लिए अनुप्रिया नागर की सराहना की गई।
कार्तिक पालिवाल ने अनुप्रिया की मेहनत, साहस, दूरदर्शिता और रचनात्मक सोच की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवा प्रतिभाओं का आगे आना भारतीय सिनेमा के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी मजबूत कहानियों को सिनेमा के माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचाया जा सकता है। वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद अनुप्रिया नागर ने कैंची धाम पहुंचकर बाबा नीम करौली महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने सम्मान के लिए कार्तिक पालिवाल और लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का आभार व्यक्त किया।
इसी अवसर पर अनुप्रिया नागर ने ‘हनुमान अंश पार्ट-2’ बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि फिल्म के दूसरे भाग की शूटिंग उत्तराखंड के धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों पर की जाएगी। प्रस्तावित शूटिंग स्थलों में कैंची धाम, भूमियाधार, हनुमानगढ़ी और काकड़ीघाट शामिल हैं। फिल्म की कहानी और आध्यात्मिक पृष्ठभूमि में इन स्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका रहने की बात कही गई है।
बाबा नीम करौली महाराज की साधना स्थली हैं चारों स्थान -
नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम, भूमियाधार, हनुमानगढ़ी और काकड़ीघाट बाबा नीम करौली महाराज की साधना और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े प्रमुख स्थान माने जाते हैं। इन स्थलों से बाबा की साधना, हनुमान भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक चिंतन की स्मृतियां जुड़ी हैं।
कैंची धाम बाबा की प्रमुख कर्मभूमि और आध्यात्मिक केंद्र रहा। यहां उन्होंने हनुमान मंदिर की स्थापना की और 15 जून 1964 को आश्रम का औपचारिक उद्घाटन हुआ। बाबा यहां भक्तों को दर्शन देते और मानव सेवा, प्रेम व सादगी का संदेश देते थे।
भूमियाधार को बाबा की एकांत साधना और ध्यान स्थली के रूप में जाना जाता है। नैनीताल-भवाली मार्ग पर स्थित यह स्थान शांत प्राकृतिक वातावरण के लिए भी जाना जाता है।
हनुमानगढ़ी बाबा की हनुमान भक्ति और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। यहां श्रद्धालु धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का भी अनुभव करते हैं।
काकड़ीघाट सुयाल नदी के किनारे स्थित बाबा की साधना स्थली मानी जाती है। मान्यता है कि बाबा यहां ध्यान और आध्यात्मिक चिंतन किया करते थे। काकड़ीघाट का संबंध स्वामी विवेकानंद से भी स्थानीय जनश्रुति के माध्यम से जोड़ा जाता है।
पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा -
‘हनुमान अंश पार्ट-2’ की शूटिंग इन धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों पर होने से उत्तराखंड के पर्यटन को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है। फिल्म के माध्यम से कैंची धाम समेत अन्य स्थानों की आध्यात्मिक और प्राकृतिक खूबसूरती देशभर के दर्शकों तक पहुंच सकती है।
‘हनुमान अंश’ की सफलता और वर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान के बाद अब दर्शकों की निगाहें फिल्म के दूसरे भाग पर टिक गई हैं। वहीं 21 वर्ष की उम्र में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में मिली उपलब्धि को युवा फिल्मकारों के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है।


