हल्द्वानी - शैमफोर्ड स्कूल का सातवां वार्षिकोत्सव ‘एलिजियम 4.0’ धूमधाम से मनाया, विद्यार्थियों ने दीं शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
हल्द्वानी - शैमफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी का सातवां वार्षिकोत्सव ‘एलिजियम 4.0’ रविवार, 1 नवंबर 2026 को हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में नैनीताल हाईकोर्ट की अपर महाधिवक्ता पुष्पा भट्ट मुख्य अतिथि और लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों, विद्यालय के चेयरमैन एडवोकेट दया सागर बिष्ट और विद्यालय प्रबंधन के सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
वार्षिकोत्सव का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। इस वर्ष कार्यक्रम को दो विशेष थीम पर आधारित किया गया था। जूनियर विद्यार्थियों ने ‘गोल्डन एरा ऑफ हिंदी सिनेमा (चित्रहार)’ के माध्यम से हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर से लेकर आधुनिक सिनेमा तक का सफर नृत्य, अभिनय और संगीत के जरिए प्रस्तुत किया। विभिन्न दशकों के लोकप्रिय गीतों और फिल्मी अंदाज में दी गई प्रस्तुतियों ने दर्शकों को पुरानी यादों के सफर पर पहुंचा दिया। नन्हे कलाकारों की ऊर्जा, आत्मविश्वास, आकर्षक वेशभूषा और शानदार मंच प्रदर्शन को अतिथियों एवं अभिभावकों ने खूब सराहा।

वहीं, वरिष्ठ विद्यार्थियों ने ‘दशावतार’ की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक थीम पर आधारित भव्य प्रस्तुति दी। इसमें भगवान विष्णु के दस अवतारों मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि की गाथा को अभिनय, नृत्य, संगीत और आकर्षक मंच सज्जा के माध्यम से जीवंत किया गया।
विद्यार्थियों ने प्रत्येक अवतार के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण आदर्शों और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया। मत्स्य अवतार के जरिए ज्ञान और सृष्टि की रक्षा, कूर्म अवतार से धैर्य एवं स्थिरता, वराह अवतार से पृथ्वी और प्रकृति के संरक्षण तथा नरसिंह अवतार के माध्यम से सत्य और धर्म की विजय का संदेश दिया गया। वामन अवतार ने विनम्रता और विवेक, परशुराम अवतार ने अन्याय के विरुद्ध संघर्ष एवं शक्ति के सदुपयोग की सीख दी।
इसी तरह श्रीराम के चरित्र के माध्यम से मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और पारिवारिक मूल्यों को दर्शाया गया, जबकि श्रीकृष्ण के अवतार ने कर्मयोग, प्रेम, मित्रता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। भगवान बुद्ध के माध्यम से अहिंसा, करुणा, शांति एवं मानवता तथा कल्कि अवतार के जरिए अधर्म के अंत, न्याय की स्थापना और सकारात्मक शुरुआत का संदेश दिया गया। प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने बताया कि दशावतार केवल पौराणिक कथाएं नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाले शाश्वत मूल्यों के प्रतीक हैं। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की समृद्ध विरासत की झलक देखने को मिली।
मुख्य अतिथि पुष्पा भट्ट ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, अनुशासन, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कम समय में विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में हासिल उपलब्धियों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि शैमफोर्ड स्कूल भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
इस अवसर पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में प्रियांशी बिष्ट, कुशाग्र राठौर, चैताली चंद, प्रज्ञा मनराल, कनिष्का खोलिया, बारिका सनवाल, सृष्टि बिष्ट, महिमा कैडा, सौरभ डसीला, प्रांजल करायत, परिधि साहू, देवांशी खत्री, गुनगुन कार्की, सचिन कांडपाल, कनिका भट्ट, हिमांशु भट्ट, प्रेरणा त्रिकोटी, ललित सिंह घुगत्याल, मानव, आकांक्षा भंडारी, कनिका मेहरा और दिया धपोला सहित अन्य मेधावी छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
विशिष्ट अतिथि विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शैमफोर्ड स्कूल लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। विद्यालय के विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर रहे हैं, जो विद्यालय के साथ पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कारवान, जिम्मेदार और आदर्श नागरिक बनाना भी जरूरी है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या संतोष पाण्डेय ने अतिथियों, अभिभावकों और गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए स्थापना से लेकर अब तक की दस वर्षों की यात्रा, शैक्षणिक उपलब्धियों, विभिन्न प्रतियोगिताओं, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में विद्यार्थियों की सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी रुचि, क्षमता और प्रतिभा के अनुरूप बेहतर अवसर एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वह भविष्य में सफल, आत्मनिर्भर और आदर्श नागरिक बन सके।
उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्र की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर में डिजिटल लाइब्रेरी और स्विमिंग पूल स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों के बौद्धिक, शारीरिक और सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के सामूहिक योगदान के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
विद्यालय के चेयरमैन दया सागर बिष्ट ने अपने संबोधन में अतिथियों और अभिभावकों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय की दस वर्षों की गौरवशाली यात्रा अभिभावकों के विश्वास, शिक्षकों के समर्पण और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य अच्छे अंक प्राप्त करने के साथ-साथ एक अच्छा इंसान बनना भी है।
उन्होंने बताया कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षण उपकरणों, स्मार्ट क्लासेज, प्रयोगात्मक शिक्षण पद्धतियों और गतिविधि आधारित माध्यमों से विद्यार्थियों को शिक्षा दी जा रही है। विद्यालय प्रबंधन बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने अभिभावकों द्वारा विद्यालय पर जताए गए विश्वास के लिए उनका विशेष आभार व्यक्त किया। साथ ही वर्षभर विद्यालय की गतिविधियों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मीडिया प्रतिनिधियों का भी धन्यवाद किया।
चेयरमैन दया सागर बिष्ट ने लगभग एक सप्ताह पूर्व तीनपानी बाईपास पर हुई सड़क दुर्घटना में तीन होनहार विद्यार्थियों की असामयिक मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि कम उम्र में बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने बच्चों को नशे से दूर रखने, उनसे मित्रवत संवाद करने तथा उन्हें उचित समय, संस्कार और मार्गदर्शन देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय और अभिभावकों की साझा जिम्मेदारी है कि बच्चों को सफल विद्यार्थी बनाने के साथ संस्कारवान, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक भी बनाया जाए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की डायरेक्टर अकादमिक अंजू भट्ट ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजन से जुड़े सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी भव्य आयोजन की सफलता सामूहिक प्रयास, समर्पण और टीम भावना का परिणाम होती है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक लालकुआं नवीन दुम्का, बाल संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार, भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री देवेंद्र बिष्ट, नवीन कांडपाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल और पूर्व चेयरमैन दीप सती सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश भगत, जनरल सेक्रेटरी मणिपुष्पक जोशी, सेक्रेटरी सौरभ पाठक, प्रवीण रौतेला, वीबी नैनवाल, आरपी सिंह, विक्रम सिंह, सुनील जोशी, अनिल जोशी, गिरजेश पांडे और श्रीष पाठक सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
विद्यालय की चेयरपर्सन ऋचा बिष्ट, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश बिष्ट, डायरेक्टर अकादमिक अंजू भट्ट, एसोसिएट डायरेक्टर किशोर गहतोड़ी, प्रधानाचार्या संतोष पाण्डेय, विनोद खोलिया, ललित मोहन बिष्ट, असिस्टेंट प्रोफेसर नीरज बिष्ट, विनीत बिष्ट और सुनील बिष्ट सहित अनेक गणमान्य अतिथि, अभिभावक एवं विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।


