हल्द्वानी - ज्योति अधिकारी पर 192, 196, 299, 302 और आर्म्स एक्ट लगाकर भेजा जेल, जानिए इन धाराओं की सजा और जुर्माना
हल्द्वानी - सोशल मीडिया पर चर्चित ज्योति अधिकारी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने, महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने, समाज में वैमनस्य फैलाने और सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी द्वारा सार्वजनिक मंच और सोशल मीडिया पर दिए गए कथित बयानों से लोक व्यवस्था प्रभावित हुई है। मामले में धारा 27 BNS के तहत सार्वजनिक स्थान पर ऐसा आचरण करने का आरोप है, जिससे शांति भंग होने और लोगों में भय का माहौल बनने की स्थिति पैदा हुई। इस धारा में साधारण कारावास या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
वहीं धारा 192 BNS के अंतर्गत जानबूझकर झूठी अथवा भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया गया है, जिससे किसी समुदाय और सार्वजनिक शांति को नुकसान पहुंचा हो। इस धारा में छह माह तक की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। इसके अलावा धारा 196 BNS के तहत धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर घृणा और वैमनस्य फैलाने का आरोप है, जिसमें तीन वर्ष तक की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में पुलिस ने धारा 299 BNS भी जोड़ी है। आरोप है कि आरोपी ने जानबूझकर ऐसे शब्द, संकेत और वीडियो प्रसारित किए, जिससे धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंची। इस धारा में तीन साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
महिलाओं के खिलाफ कथित अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर धारा 302 BNS और 302(B) BNS लगाई गई हैं। इन धाराओं के तहत महिलाओं की मर्यादा, सम्मान और गरिमा को ठेस पहुंचाने को दंडनीय अपराध माना गया है। इसमें एक से तीन वर्ष तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही सोशल मीडिया से आपत्तिजनक सामग्री हटाने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
इसके साथ ही मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 25 भी जोड़ी गई है। पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने सार्वजनिक स्थान पर दरांती लहराकर भय का माहौल बनाया, जो बिना वैध अनुमति हथियार के प्रदर्शन की श्रेणी में आता है। आर्म्स एक्ट के तहत इस अपराध में अधिकतम तीन वर्ष तक की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
संक्षेप में, पुलिस के अनुसार इस मामले में धार्मिक भावनाएं आहत करने, महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने, समाज में वैमनस्य फैलाने, सार्वजनिक शांति भंग करने और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप हैं। इन्हीं आधारों पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
क्या ज्योति को मिल सकती है जमानत?
मामले में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति अधिकारी को न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है, हालांकि आरोपी की ओर से जमानत के लिए कभी भी अर्जी दाखिल की जा सकती है। कानूनी जानकारों के अनुसार, लगाए गए आरोप गंभीर जरूर हैं, लेकिन इनमें आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक सजा का प्रावधान नहीं है। इसके अलावा आरोपी महिला है और उसके खिलाफ यह पहला आपराधिक मामला बताया जा रहा है,ऐसे में, यदि आरोपी जांच में सहयोग करती है और अदालत को संतुष्ट कर पाती है, तो कुछ शर्तों के साथ आने वाले 1-2 दिनों में जमानत मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। आज ही जमानत अर्जी दाखिल किए जाने और वकीलों द्वारा जोरदार पैरवी किए जाने की जानकारी सामने आई है। जमानत मिलने की स्थिति में अदालत आरोपी पर सोशल मीडिया से संबंधित गतिविधियों को लेकर सख्त शर्तें भी लगा सकती है।
