हल्द्वानी - पार्षद अमित बिष्ट उर्फ ‘चिन्टू’ और पुत्र जय न्यायालय में पेश, कड़ी सुरक्षा के बीच हुई पिता-पुत्र की पेशी
हल्द्वानी - नितिन हत्याकांड में आज एक बड़ा और संवेदनशील घटनाक्रम सामने आया, जब आरोपी भाजपा पार्षद अमित बिष्ट उर्फ ‘चिन्टू’ और उनके पुत्र जय को न्यायालय में पेश किया गया। पिता-पुत्र को एक साथ हथकड़ी में अदालत परिसर लाया गया, जिसने पूरे मामले की गंभीरता को और उजागर कर दिया। यह दृश्य शहर के आपराधिक इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
न्यायालय परिसर में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। पेशी के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब जनप्रतिनिधि ही गंभीर आपराधिक आरोपों में घिर जाएं, तो आम नागरिक की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
गौरतलब है कि रविवार रात हल्द्वानी में एक बार फिर गोलियों की गूंज सुनाई दी थी। वर्ष 2019 के बाद 2026 में हुई इस ताजा फायरिंग की घटना में 22 वर्षीय युवक नीतिन लोहनी की मौत हो गई। यह वारदात सुशीला तिवारी अस्पताल के पीछे अर्द्धरात्रि के समय हुई बताई जा रही है। गोली लगने के बाद नीतिन को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी नगर निगम के भाजपा पार्षद अमित बिष्ट उर्फ ‘चिन्टू’ पर जज फार्म निवासी नीतिन लोहनी को गोली मारने का गंभीर आरोप है। घटना के पीछे के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस आपसी रंजिश, पूर्व विवाद सहित विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।
पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद आरोपी पार्षद को हिरासत में लिया था और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ शुरू की। अब आरोपी पार्षद और उनके बेटे की एक साथ न्यायालय में पेशी ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़ी साजिश और परिस्थितियों की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी। फिलहाल नीतिन लोहनी की मौत ने हल्द्वानी में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
