उत्तराखंड - औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के लिए खुशखबरी, नई वेतन दरें हुई लागू, इतनी बढ़ गई सैलरी
उत्तराखंड - महंगाई की मार झेल रहे श्रमिकों के लिए सरकार ने राहत भरा कदम उठाते हुए न्यूनतम वेतन दरों में बढ़ोतरी कर दी है। बुधवार को शासन के श्रम अनुभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 50 या उससे अधिक कर्मचारियों को नियोजित करने वाली अभियंत्रण इकाइयों में नई दरें एक अप्रैल से लागू मानी जाएंगी। नई व्यवस्था के तहत अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 13,800 रुपये, अर्धकुशल का 15,000 रुपये और कुशल श्रमिकों का 16,900 रुपये निर्धारित किया गया है। लंबे समय से वेतन पुनरीक्षण लंबित होने और लगातार बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह फैसला लिया गया है जिससे श्रमिकों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है।
राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, खासकर ऊधमसिंह नगर के सिडकुल क्षेत्र में इस फैसले का बड़ा असर पड़ेगा, जहां कंपनियों में करीब तीन लाख से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। ऐसे में वेतन वृद्धि से बड़ी संख्या में श्रमिक परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की संभावना जताई जा रही है। अधिसूचना में कहा गया है कि श्रमिक संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद त्रिपक्षीय समिति की सिफारिशों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी की ओर से भी औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित असंतोष की आशंका जताते हुए शासन को पत्र भेजा गया था, जिसके बाद इस मुद्दे को प्राथमिकता दी गई।
श्रमिक आंदोलनों के बाद बैकफुट पर आयी सरकार -
श्रमिक आंदोलनों के बढ़ते दबाव के बाद सरकार को आखिरकार बैकफुट पर आना पड़ा और न्यूनतम वेतन दरों में बढ़ोतरी का फैसला लेना पड़ा। हल्द्वानी के मदरसन कंपनी और रुद्रपुर की कई कंपनियों में हुए विरोध-प्रदर्शनों ने इस मुद्दे को तेज किया, जिसके बाद प्रशासन ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी। लगातार बढ़ते असंतोष के बीच लिया गया यह फैसला श्रमिकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
सहायक श्रम आयुक्त अरविंद सैनी ने बताया कि संशोधित न्यूनतम वेतन दरें श्रमिकों के हित में अहम निर्णय हैं। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में संतुलन और स्थिरता भी आएगी। विभाग सभी इकाइयों में नई दरों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा और उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।
